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28 Mar 2017 · 1 min read

हाइकु

मेरे सात हाइकु

( १ )
मानसिकता
दर्शाती उदारता
हुआ विकास !

( २ )
नीच विचार
दिखाता संकीर्णता
रूका विस्तार !

( ३ )
परिवर्तन
है विधि का विधान
नारी उत्थान !

( ४ )
आज की नारी
बदली है तेवर
छुटे जेवर !

( ५ )
बनो स्वछन्द
बहुत है आनंद
जैसे विहग !

( ६ )
मिला है मान
पुरूषों के समान
ऊँची उड़ान !

( ७ )
जहाँ धरा पर
दिखते चाँद चार
हँसती नार !

====
दिने एल० “जैहिंद”
22. 03. 2017

Language: Hindi
600 Views
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