Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Oct 2023 · 1 min read

हम गांव वाले है जनाब…

हम गांव वाले है जनाब
आवारा कहो या गवारा
हमें फर्क नहीं पड़ता

हम निज माटी के लाल
मेहनत कसो की औलाद

हमारी लड़खड़ाती बोली की
मजाक उड़ाने वालो सुनो
एक दिन इसकी तारीफ़
करते न थकोगे तुम….

कम संसाधन में हमने जीना
मिट्टी से सोना उगाना सीखा

हम गांव वाले है जनाब

मां – बाप से हमनें मेहनत करना
बुजुर्गो से धैर्य धारण करना सीखा

गाँव ही तो विकास करके
वृहत आबादी वाला
शहर का निर्माण करता
फिर भी लोग निज अतीत का
मजाक क्यों उड़ाया करते…

हम छोटे लोग कहे जाते है साहब, पर
बड़ी बड़ी मिशाले हमारे ही नाम दर्ज है

हमारे यहां के लोग
थोड़े कम पढें लिखे होते है
यह मैं मानता हूं… पर
परिश्रमी बहुत होते है, ये
खून पसीना एक करना जानतें है

हम गांव वाले है जनाब
आवारा कहो या गवारा
हमें फर्क नहीं पड़ता…

Language: Hindi
1 Like · 138 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"अकेले रहना"
Dr. Kishan tandon kranti
वो मेरे बिन बताए सब सुन लेती
वो मेरे बिन बताए सब सुन लेती
Keshav kishor Kumar
हे राम !
हे राम !
Ghanshyam Poddar
मेहबूब की शायरी: मोहब्बत
मेहबूब की शायरी: मोहब्बत
Rajesh Kumar Arjun
स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण पांडेय निर्झर की पुस्तक 'सुरसरि गंगे
स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण पांडेय निर्झर की पुस्तक 'सुरसरि गंगे
Ravi Prakash
त्याग
त्याग
AMRESH KUMAR VERMA
शासन की ट्रेन पलटी
शासन की ट्रेन पलटी
*Author प्रणय प्रभात*
मकरंद
मकरंद
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
मन को समझाने
मन को समझाने
sushil sarna
तुम्हें भूल नहीं सकता कभी
तुम्हें भूल नहीं सकता कभी
gurudeenverma198
*प्रिया किस तर्क से*
*प्रिया किस तर्क से*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हनुमान जी के गदा
हनुमान जी के गदा
Santosh kumar Miri
हाय.
हाय.
Vishal babu (vishu)
नदी की मुस्कान
नदी की मुस्कान
Satish Srijan
2714.*पूर्णिका*
2714.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
पितृ दिवस
पितृ दिवस
Ram Krishan Rastogi
रमेशराज के हास्य बालगीत
रमेशराज के हास्य बालगीत
कवि रमेशराज
जहां प्रगटे अवधपुरी श्रीराम
जहां प्रगटे अवधपुरी श्रीराम
Mohan Pandey
तो तुम कैसे रण जीतोगे, यदि स्वीकार करोगे हार?
तो तुम कैसे रण जीतोगे, यदि स्वीकार करोगे हार?
महेश चन्द्र त्रिपाठी
भावनाओं में तैरता हुआ कवि
भावनाओं में तैरता हुआ कवि
Anamika Tiwari 'annpurna '
गर कभी आओ मेरे घर....
गर कभी आओ मेरे घर....
Santosh Soni
ॐ
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
तुम मुझे यूँ ही याद रखना
तुम मुझे यूँ ही याद रखना
Bhupendra Rawat
Ye chad adhura lagta hai,
Ye chad adhura lagta hai,
Sakshi Tripathi
Tumhe Pakar Jane Kya Kya Socha Tha
Tumhe Pakar Jane Kya Kya Socha Tha
Kumar lalit
सच समझने में चूका तंत्र सारा
सच समझने में चूका तंत्र सारा
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
संतोष
संतोष
Manju Singh
याद  में  ही तो जल रहा होगा
याद में ही तो जल रहा होगा
Sandeep Gandhi 'Nehal'
सर्द ऋतु का हो रहा है आगमन।
सर्द ऋतु का हो रहा है आगमन।
surenderpal vaidya
दलित समुदाय।
दलित समुदाय।
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
Loading...