Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jul 20, 2016 · 1 min read

हमें कब तलक आजमाते रहोगे

हमें कब तलक आजमाते रहोगे
गिराते रहोगे उठाते रहोगे

बचाओगे कैसे मुहब्बत से दामन
अगर आप नज़रें मिलाते रहोगे

कि बेकार हो जायेगी सब दुआएँ
अगर दूसरों को सताते रहोगे

यक़ीनन अदावत ही बढ़ती रहेगी
समंदर जो खारा पिलाते रहोगे

मुआफ़ी न देगी कभी आदमीयत
जो हक़ दूसरों का दबाते रहोगे

किसी दिन ये कट जायेगा देख लेना
जो सर अपना यूँही झुकाते रहोगे

मुहब्बत की दौलत भी है ख़ूब ‘माही’
बढ़ेगी ये जितनी लुटाते रहोगे

माही

2 Comments · 126 Views
You may also like:
घृणित नजर
Dr Meenu Poonia
शम्मा ए इश्क।
Taj Mohammad
पर्यावरण
सूर्यकांत द्विवेदी
ग़ज़ल
Anis Shah
लघुकथा: ऑनलाइन
Ravi Prakash
*योग (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
हवा
AMRESH KUMAR VERMA
हम सब एक है।
Anamika Singh
नर्सिंग दिवस पर नमन
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
हैप्पी फादर्स डे (लघुकथा)
drpranavds
ओ जानें ज़ाना !
D.k Math
ब्रेकिंग न्यूज़
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
“ तेरी लौ ”
DESH RAJ
नाम
Ranjit Jha
Where is Humanity
Dheerendra Panchal
इश्क
goutam shaw
आगे बढ़,मतदान करें।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
शहीद की आत्मा
Anamika Singh
बेवफाओं के शहर में कुछ वफ़ा कर जाऊं
Ram Krishan Rastogi
तुझे वो कबूल क्यों नहीं हो मैं हूं
Krishan Singh
पाखंडी मानव
ओनिका सेतिया 'अनु '
संस्मरण:भगवान स्वरूप सक्सेना "मुसाफिर"
Ravi Prakash
दिल का करार।
Taj Mohammad
गर्भस्थ बेटी की पुकार
Dr Meenu Poonia
*भक्त प्रहलाद और नरसिंह भगवान के अवतार की कथा*
Ravi Prakash
बेपरवाह बचपन है।
Taj Mohammad
बताकर अपना गम।
Taj Mohammad
तुम जो मिल गई हो।
Taj Mohammad
शांत वातावरण
AMRESH KUMAR VERMA
✍️खुशी✍️
"अशांत" शेखर
Loading...