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21 May 2023 · 1 min read

हमारी हार के किस्सों के हिस्से हो गए हैं

हमारी हार के किस्सों के हिस्से हो गए हैं
न पूरा मुक़म्मल……. न आधा मुक़म्मल……….
-सिद्धार्थ गोरखपुरी

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