Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 8, 2022 · 1 min read

हमारी प्यारी मां

ममता का एक घड़ा है माँ।
देवी का स्वरूप है माँ।
हमारी हर एक मुस्कान में
बसी हुई है हमारी प्यारी माँ।
इंद्रधनुष के सात रंगों जैसे
खूबसूरती का भंडार है माँ।
हमारे लिए
कभी शीतल जल
तो कभी तूफान बन जाती हैं माँ।
हमें पेटभर खिलाकर
खुद भूखे पेट सो जाती हैं माँ।
फिर भी न जाने क्यों हम लोग
अपमान उस देवी का करते हैं?
ममता की मूरत को हम लोग
ख्याल नहीं रखा करते हैं।
क्यों हर बार हम अपनी माँ को
वृद्धाश्रम में छोड़ दिया करते हैं?
जो कुछ भी करते रहे हो तुम
हर बार अपनी माँ के साथ
फिर भी तुम्हारी माँ ने
आशीर्वाद देने उठाया अपना हाथ।

– श्रीयांश गुप्ता

1 Like · 114 Views
You may also like:
सहारा मिल गया होता
अरशद रसूल /Arshad Rasool
🌻🌻🌸"इतना क्यों बहका रहे हो,अपने अन्दाज पर"🌻🌻🌸
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
दलीलें झूठी हो सकतीं हैं
सिद्धार्थ गोरखपुरी
मिटटी
Vikas Sharma'Shivaaya'
पर्यावरण बचा लो,कर लो बृक्षों की निगरानी अब
Pt. Brajesh Kumar Nayak
इन्तज़ार का दर्द
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
ऐसी सोच क्यों ?
Deepak Kohli
खुदा मुझको मिलेगा न तो (जानदार ग़ज़ल)
रकमिश सुल्तानपुरी
" मायूस धरती "
Dr Meenu Poonia
सबको दुनियां और मंजिल से मिलाता है पिता।
सत्य कुमार प्रेमी
साथ भी दूंगा नहीं यार मैं नफरत के लिए।
सत्य कुमार प्रेमी
'मेरी यादों में अब तक वे लम्हे बसे'
Rashmi Sanjay
Tell the Birds.
Taj Mohammad
तोड़कर मुझे न देख
अरशद रसूल /Arshad Rasool
मेरे बुद्ध महान !
मनोज कर्ण
मजदूरों की दुर्दशा
Anamika Singh
लिखता जा रहा है वह
gurudeenverma198
शाइ'राना है तबीयत
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
तरसती रहोगी एक झलक पाने को
N.ksahu0007@writer
उसकी मर्ज़ी का
Dr fauzia Naseem shad
💐💐प्रेम की राह पर-21💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
चलो गांवो की ओर
Ram Krishan Rastogi
हर सिम्त यहाँ...
अश्क चिरैयाकोटी
फास्ट फूड
AMRESH KUMAR VERMA
पिता
Madhu Sethi
You are my life.
Taj Mohammad
कवि की नज़र से - पानी
बिमल
मां के समान कोई नही
Ram Krishan Rastogi
सोंच समझ....
Dr. Alpa H. Amin
मेरे दिल का दर्द
Ram Krishan Rastogi
Loading...