Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Jan 2024 · 1 min read

हमारा विद्यालय

हमारा विद्यालय

ये विद्यालय हमारा है हमें प्राणों से प्यारा है।
बनाएँ साफ़ सुंदर हम यही मंदिर हमारा है।।

पढ़ेंगे आज सँवरे कल सिखाते हैं हमें गुरुजन।
समझ जाओ समय रहते बताते हैं हमें गुरुजन।
अगर मानें मिले मंज़िल नहीं मुश्क़िल किनारा है।

आर. एस. ‘प्रीतम’

1 Like · 427 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from आर.एस. 'प्रीतम'
View all
You may also like:
ग़ज़ल
ग़ज़ल
कवि रमेशराज
पुष्प सम तुम मुस्कुराओ तो जीवन है ।
पुष्प सम तुम मुस्कुराओ तो जीवन है ।
Neelam Sharma
जीवन रथ के दो पहिए हैं, एक की शान तुम्हीं तो हो।
जीवन रथ के दो पहिए हैं, एक की शान तुम्हीं तो हो।
सत्य कुमार प्रेमी
2345.पूर्णिका
2345.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
पिया मिलन की आस
पिया मिलन की आस
Kanchan Khanna
प्रेम की राह।
प्रेम की राह।
लक्ष्मी सिंह
#दोहा
#दोहा
*प्रणय प्रभात*
मैं तो महज एहसास हूँ
मैं तो महज एहसास हूँ
VINOD CHAUHAN
बैठे थे किसी की याद में
बैठे थे किसी की याद में
Sonit Parjapati
ज़िन्दगी और प्रेम की,
ज़िन्दगी और प्रेम की,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
हमको तेरा ख़्याल
हमको तेरा ख़्याल
Dr fauzia Naseem shad
अंतर्मन
अंतर्मन
Dr. Mahesh Kumawat
दिल लगाया है जहाॅं दिमाग न लगाया कर
दिल लगाया है जहाॅं दिमाग न लगाया कर
Manoj Mahato
गैरो को कोई अपने बना कर तो देख ले
गैरो को कोई अपने बना कर तो देख ले
कृष्णकांत गुर्जर
किसी को उदास देखकर
किसी को उदास देखकर
Shekhar Chandra Mitra
लौटना पड़ा वहाँ से वापस
लौटना पड़ा वहाँ से वापस
gurudeenverma198
गुरु दक्षिणा
गुरु दक्षिणा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
चित्र कितना भी ख़ूबसूरत क्यों ना हो खुशबू तो किरदार में है।।
चित्र कितना भी ख़ूबसूरत क्यों ना हो खुशबू तो किरदार में है।।
Lokesh Sharma
"पानी-पूरी"
Dr. Kishan tandon kranti
पुनर्जन्माचे सत्य
पुनर्जन्माचे सत्य
Shyam Sundar Subramanian
कभी हैं भगवा कभी तिरंगा देश का मान बढाया हैं
कभी हैं भगवा कभी तिरंगा देश का मान बढाया हैं
Shyamsingh Lodhi Rajput (Tejpuriya)
कुछ मुक्तक...
कुछ मुक्तक...
डॉ.सीमा अग्रवाल
हमेशा समय के साथ चलें,
हमेशा समय के साथ चलें,
नेताम आर सी
*शुगर लेकिन दुखदाई (हास्य कुंडलिया)*
*शुगर लेकिन दुखदाई (हास्य कुंडलिया)*
Ravi Prakash
दोहा
दोहा
गुमनाम 'बाबा'
मां भारती से कल्याण
मां भारती से कल्याण
Sandeep Pande
ଭୋକର ଭୂଗୋଳ
ଭୋକର ଭୂଗୋଳ
Bidyadhar Mantry
"संघर्ष "
Yogendra Chaturwedi
जीवन भर मरते रहे, जो बस्ती के नाम।
जीवन भर मरते रहे, जो बस्ती के नाम।
Suryakant Dwivedi
बर्फ
बर्फ
Santosh kumar Miri
Loading...