Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Dec 2023 · 1 min read

हमारा गुनाह सिर्फ यही है

हमारा गुनाह सिर्फ यही है।
यह जो शराब हम पीते हैं।।
इसीलिए तुमने यह दी है सजा।
इसीलिए नफ़रत तुम करते हैं।।
हमारा गुनाह सिर्फ ————-।।

कभी प्यार हमसे, करोगे तुम।
अक्सर ऐसा सोचते थे, हम।।
कभी तुमने हमको नहीं माना अपना।
गम की दवा हम जो , इसे कहते हैं।।
हमारा गुनाह सिर्फ ——————।।

हमपे नहीं तुमको, आया रहम।
करते रहे तुम, हम पर सितम।।
मगर जिंदगी से, हमको है प्यार बहुत।
अपना सहारा हम जो, इसे कहते हैं।।
हमारा गुनाह सिर्फ ——————।।

जो पीते नहीं क्या, पापी वह नहीं है।
नहीं बोलते झूठ क्या, बुरे वह नहीं है।।
क्यों कैसे हमको वह, गले नहीं लगाते हैं।
पीकर इसको हम यह, सच जो कहते हैं।।
हमारा गुनाह सिर्फ ——————।।

शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Language: Hindi
Tag: गीत
146 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
(25) यह जीवन की साँझ, और यह लम्बा रस्ता !
(25) यह जीवन की साँझ, और यह लम्बा रस्ता !
Kishore Nigam
बुढापे की लाठी
बुढापे की लाठी
Suryakant Dwivedi
बादल गरजते और बरसते हैं
बादल गरजते और बरसते हैं
Neeraj Agarwal
युवा मन❤️‍🔥🤵
युवा मन❤️‍🔥🤵
डॉ० रोहित कौशिक
महिलाएं अक्सर हर पल अपने सौंदर्यता ,कपड़े एवम् अपने द्वारा क
महिलाएं अक्सर हर पल अपने सौंदर्यता ,कपड़े एवम् अपने द्वारा क
Rj Anand Prajapati
💐अज्ञात के प्रति-64💐
💐अज्ञात के प्रति-64💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मातृ रूप
मातृ रूप
डॉ. श्री रमण 'श्रीपद्'
लाश लिए फिरता हूं
लाश लिए फिरता हूं
Ravi Ghayal
बधाई हो बधाई, नये साल की बधाई
बधाई हो बधाई, नये साल की बधाई
gurudeenverma198
*जाता देखा शीत तो, फागुन हुआ निहाल (कुंडलिया)*
*जाता देखा शीत तो, फागुन हुआ निहाल (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
काल  अटल संसार में,
काल अटल संसार में,
sushil sarna
मौन मंजिल मिली औ सफ़र मौन है ।
मौन मंजिल मिली औ सफ़र मौन है ।
Arvind trivedi
साहित्यकार ओमप्रकाश वाल्मीकि की याद में लिखी गई एक कविता
साहित्यकार ओमप्रकाश वाल्मीकि की याद में लिखी गई एक कविता "ओमप्रकाश"
Dr. Narendra Valmiki
जब भी आपसे कोई व्यक्ति खफ़ा होता है तो इसका मतलब यह नहीं है
जब भी आपसे कोई व्यक्ति खफ़ा होता है तो इसका मतलब यह नहीं है
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
*
*"रक्षाबन्धन"* *"काँच की चूड़ियाँ"*
Radhakishan R. Mundhra
यादें
यादें
Versha Varshney
"जरा सोचो"
Dr. Kishan tandon kranti
माँ ही हैं संसार
माँ ही हैं संसार
Shyamsingh Lodhi (Tejpuriya)
जय माता दी -
जय माता दी -
Raju Gajbhiye
किस क़दर
किस क़दर
हिमांशु Kulshrestha
दो शे'र ( अशआर)
दो शे'र ( अशआर)
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
चलो कहीं दूर जाएँ हम, यहाँ हमें जी नहीं लगता !
चलो कहीं दूर जाएँ हम, यहाँ हमें जी नहीं लगता !
DrLakshman Jha Parimal
कोई ज्यादा पीड़ित है तो कोई थोड़ा
कोई ज्यादा पीड़ित है तो कोई थोड़ा
Pt. Brajesh Kumar Nayak
नल बहे या नैना, व्यर्थ न बहने देना...
नल बहे या नैना, व्यर्थ न बहने देना...
इंदु वर्मा
विरान तो
विरान तो
rita Singh "Sarjana"
काव्य-अनुभव और काव्य-अनुभूति
काव्य-अनुभव और काव्य-अनुभूति
कवि रमेशराज
* वक्त की समुद्र *
* वक्त की समुद्र *
Nishant prakhar
रूपेश को मिला
रूपेश को मिला "बेस्ट राईटर ऑफ द वीक सम्मान- 2023"
रुपेश कुमार
23/173.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/173.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
मुश्किलें जरूर हैं, मगर ठहरा नहीं हूँ मैं ।
मुश्किलें जरूर हैं, मगर ठहरा नहीं हूँ मैं ।
पूर्वार्थ
Loading...