Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Jul 2020 · 1 min read

सौगंध

नहीं जानती तुम मां भारती
मैं तुमको कितना चाहता हूँ
इसीलिए तुम्हारी रक्षा की
सौगंध आज मैं खाता हूँ।
आँच नहीं आने दूंगा मैं
तुम्हारी आन-बान और शान पर मै।
लड़ता जाऊंगा तुम्हारी खातिर
अपनी आखिरी सांस तक मैं।
मां का आचल , बहन की राखी
रोक नहीं पाएगी मुझे तुम्हारी रक्षा से।
क्योंकि वादा करा हैं मैंने तुम्हारी रक्षा का
अपने शहीद पिता जी से
तुम्हारे खातिर शहादत भी मुझे प्यारी है
क्योंकि जान से प्यारी मुझे तेरी खुशहाली है।

श्रीयांश गुप्ता✍

Language: Hindi
Tag: कविता
1 Like · 4 Comments · 563 Views
You may also like:
जय अग्रसेन महाराज
Dr Archana Gupta
पथिक मैं तेरे पीछे आता...
मनोज कर्ण
हिंदी का गुणगान
जगदीश लववंशी
समर
पीयूष धामी
शख्सियत - मॉं भारती की सेवा के लिए समर्पित योद्धा...
Deepak Kumar Tyagi
"कोरोना लहर"
MSW Sunil SainiCENA
काश....! तू मौन ही रहता....
Dr. Pratibha Mahi
प्यार का चिराग
Anamika Singh
वह मुझे याद आती रही रात भर।
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
पिता पच्चीसी दोहावली
Subhash Singhai
बहकने दीजिए
surenderpal vaidya
मुक्तक
Arvind trivedi
अगर तू नही है जीवन में ये अधखिला रह जाएगा
Ram Krishan Rastogi
एक वही मल्लाह
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
# पर_सनम_तुझे_क्या
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
ये मोहब्बत राज ना रहती है।
Taj Mohammad
✍️जिंदगानी ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
*पापा … मेरे पापा …*
Neelam Chaudhary
गुरु सरिता शिक्षक दिवस पर उद्धरण
Author Dr. Neeru Mohan
बरसात
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
मेरी भोली “माँ” (सहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता)
पाण्डेय चिदानन्द
लफ़्ज़ों में ज़िंदगी को
Dr fauzia Naseem shad
*हम हैं शाकाहारी (गीत)*
Ravi Prakash
"बदलाव की बयार"
Ajit Kumar "Karn"
सुविधा भोगी कायर
Shekhar Chandra Mitra
इनक मोतियो का
shabina. Naaz
✍️ 'कामयाबी' के लिए...
'अशांत' शेखर
क्या सोचता हूँ मैं भी
gurudeenverma198
💐ये मेरी आशिकी💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
जरूरत उसे भी थी
Abhishek Pandey Abhi
Loading...