Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings
May 26, 2016 · 1 min read

सोच

कभी कभी सोचती हूं
भगवान सुनता है क्या
बहुत ही छोटी
होती है ये सोच
सोच में बहे आंसू भी
यूं ही कोई उंगली
क्यूं थाम लेता है
क्यूं संग संग किसी के
आंसू बहते हैं
क्यूं कोई तुम्हारी
फ़िक्र करता है
क्यूं कोई यूं ही
सर पर हाथ रख देता है
क्यूं कोई तुम्हे
तुमसे ज्यादा जान लेता है
यूं ही तो नहीं न
कहीं ये ही तो
भगवान नहीं होता ??

1 Like · 271 Views
You may also like:
यादें वो बचपन के
Khushboo Khatoon
सिद्धार्थ से वह 'बुद्ध' बने...
Buddha Prakash
पिता, पिता बने आकाश
indu parashar
आपकी तारीफ
Dr fauzia Naseem shad
✍️कोई तो वजह दो ✍️
Vaishnavi Gupta
रूठ गई हैं बरखा रानी
Dr Archana Gupta
"पधारो, घर-घर आज कन्हाई.."
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
अमर शहीद चंद्रशेखर "आज़ाद" (कुण्डलिया)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
गोरे मुखड़े पर काला चश्मा
श्री रमण 'श्रीपद्'
पिताजी
विनोद शर्मा सागर
हमनें ख़्वाबों को देखना छोड़ा
Dr fauzia Naseem shad
रेलगाड़ी- ट्रेनगाड़ी
Buddha Prakash
तुम्हीं हो मां
Krishan Singh
इंतज़ार थमा
Dr fauzia Naseem shad
दो पल मोहब्बत
श्री रमण 'श्रीपद्'
अपना ख़्याल
Dr fauzia Naseem shad
मुझे आज भी तुमसे प्यार है
Ram Krishan Rastogi
जीवन की दुर्दशा
Dr fauzia Naseem shad
✍️महानता✍️
'अशांत' शेखर
ठोकरों ने समझाया
Anamika Singh
काश....! तू मौन ही रहता....
Dr. Pratibha Mahi
A wise man 'The Ambedkar'
Buddha Prakash
श्रीराम गाथा
मनोज कर्ण
【6】** माँ **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
भगवान जगन्नाथ की आरती (०१
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता
Manisha Manjari
बरसाती कुण्डलिया नवमी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मजबूर ! मजदूर
शेख़ जाफ़र खान
ठोडे का खेल
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
Loading...