Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Feb 2024 · 1 min read

*** सैर आसमान की….! ***

“” आ चल विज्ञान-परी से…
आसमान की सैर करते हैं…!
चल अपने अरमान को…
नील गगन में गढ़ते हैं…!
नई विकल्प से, नये संकल्प…
चल आसमानी रंग में रंगते हैं….!
हमें बीच राह में…
अब कहीं नहीं रूकना है…!
हमें अपनी हौसले की परख है…
अब नहीं चुकना है…!
ये सफ़र भले ही लंबी है…
पर.. अपने इरादे भी पक्की है…!
माना कि इस सफ़र में…
अपनी कोई पंख नहीं…!
लेकिन…! ये अदम्य हौसले की उड़ान है,
अपनी ” दृष्टि-संकल्प भी…
कोई पंख से कम नहीं…!
नई चुनौतियों से टकराना है…
मुश्किल से नहीं घबराना है…!
अब तो हमें आसमान में…
एक आशियाना ज़रुर बनाना है…!! “”

**********∆∆∆**********

Language: Hindi
52 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*देखो ऋतु आई वसंत*
*देखो ऋतु आई वसंत*
Dr. Priya Gupta
महफ़िल में कुछ जियादा मुस्कुरा रहा था वो।
महफ़िल में कुछ जियादा मुस्कुरा रहा था वो।
सत्य कुमार प्रेमी
उस देश के वासी है 🙏
उस देश के वासी है 🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
2845.*पूर्णिका*
2845.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
विपक्ष ने
विपक्ष ने
*Author प्रणय प्रभात*
चन्द्रयान..…......... चन्द्रमा पर तिरंगा
चन्द्रयान..…......... चन्द्रमा पर तिरंगा
Neeraj Agarwal
चांद
चांद
नेताम आर सी
माटी के रंग
माटी के रंग
Dr. Kishan tandon kranti
सोच
सोच
Sûrëkhâ
कर्म
कर्म
Dhirendra Singh
*पानी केरा बुदबुदा*
*पानी केरा बुदबुदा*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बाँस और घास में बहुत अंतर होता है जबकि प्रकृति दोनों को एक स
बाँस और घास में बहुत अंतर होता है जबकि प्रकृति दोनों को एक स
Dr. Man Mohan Krishna
स्वयं द्वारा किए कर्म यदि बच्चों के लिए बाधा बनें और  गृह स्
स्वयं द्वारा किए कर्म यदि बच्चों के लिए बाधा बनें और गृह स्
Sanjay ' शून्य'
*रियासत रामपुर और राजा रामसिंह : कुछ प्रश्न*
*रियासत रामपुर और राजा रामसिंह : कुछ प्रश्न*
Ravi Prakash
अस्तित्व
अस्तित्व
Shyam Sundar Subramanian
बेपरवाह खुशमिज़ाज़ पंछी
बेपरवाह खुशमिज़ाज़ पंछी
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
जीवन में सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मैं स्वयं को मानती हूँ
जीवन में सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी मैं स्वयं को मानती हूँ
ruby kumari
अंकुर
अंकुर
manisha
दिल तेरी राहों के
दिल तेरी राहों के
Dr fauzia Naseem shad
ऐ ज़ालिम....!
ऐ ज़ालिम....!
Srishty Bansal
निरुद्देश्य जीवन भी कोई जीवन होता है ।
निरुद्देश्य जीवन भी कोई जीवन होता है ।
ओनिका सेतिया 'अनु '
बूँद बूँद याद
बूँद बूँद याद
Atul "Krishn"
ज़ब तक धर्मों मे पाप धोने की व्यवस्था है
ज़ब तक धर्मों मे पाप धोने की व्यवस्था है
शेखर सिंह
साहिल के समंदर दरिया मौज,
साहिल के समंदर दरिया मौज,
Sahil Ahmad
पिता
पिता
Shweta Soni
वन  मोर  नचे  घन  शोर  करे, जब  चातक दादुर  गीत सुनावत।
वन मोर नचे घन शोर करे, जब चातक दादुर गीत सुनावत।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
पावन सावन मास में
पावन सावन मास में
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
ऐसी प्रीत कहीं ना पाई
ऐसी प्रीत कहीं ना पाई
Harminder Kaur
तुम्हारा जिक्र
तुम्हारा जिक्र
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
“पतंग की डोर”
“पतंग की डोर”
DrLakshman Jha Parimal
Loading...