Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Aug 2023 · 1 min read

सीढ़ियों को दूर से देखने की बजाय नजदीक आकर सीढ़ी पर चढ़ने का

सीढ़ियों को दूर से देखने की बजाय नजदीक आकर सीढ़ी पर चढ़ने का प्रयास करने से ही कोई आगे की ओर जाने की सोच सकता है।

Paras Nath Jha

248 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Paras Nath Jha
View all
You may also like:
आश्रय
आश्रय
goutam shaw
International Day Against Drug Abuse
International Day Against Drug Abuse
Tushar Jagawat
- रिश्तों को में तोड़ चला -
- रिश्तों को में तोड़ चला -
bharat gehlot
मसल कर कली को
मसल कर कली को
Pratibha Pandey
प्रमेय
प्रमेय
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Mere hisse me ,
Mere hisse me ,
Sakshi Tripathi
दीप्ति
दीप्ति
Kavita Chouhan
कुशादा
कुशादा
Mamta Rani
!! हे लोकतंत्र !!
!! हे लोकतंत्र !!
Akash Yadav
3159.*पूर्णिका*
3159.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कुछ अजीब से वाक्या मेरे संग हो रहे हैं
कुछ अजीब से वाक्या मेरे संग हो रहे हैं
Ajad Mandori
ऐसे जीना जिंदगी,
ऐसे जीना जिंदगी,
sushil sarna
पशुओं के दूध का मनुष्य द्वारा उपयोग अत्याचार है
पशुओं के दूध का मनुष्य द्वारा उपयोग अत्याचार है
Dr MusafiR BaithA
*इश्क़ से इश्क़*
*इश्क़ से इश्क़*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
कौन सुने फरियाद
कौन सुने फरियाद
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
जल प्रदूषित थल प्रदूषित वायु के दूषित चरण ( मुक्तक)
जल प्रदूषित थल प्रदूषित वायु के दूषित चरण ( मुक्तक)
Ravi Prakash
■ एक शेर में जीवन दर्शन।
■ एक शेर में जीवन दर्शन।
*Author प्रणय प्रभात*
आश किरण
आश किरण
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
पत्नी
पत्नी
Acharya Rama Nand Mandal
वो बदल रहे हैं।
वो बदल रहे हैं।
Taj Mohammad
जानते वो भी हैं...!!!
जानते वो भी हैं...!!!
Kanchan Khanna
फ़र्क़ नहीं है मूर्ख हो,
फ़र्क़ नहीं है मूर्ख हो,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
💐प्रेम कौतुक-502💐
💐प्रेम कौतुक-502💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
अल्फाज़
अल्फाज़
Shweta Soni
रखे हों पास में लड्डू, न ललचाए मगर रसना।
रखे हों पास में लड्डू, न ललचाए मगर रसना।
डॉ.सीमा अग्रवाल
लिबास दर लिबास बदलता इंसान
लिबास दर लिबास बदलता इंसान
Harminder Kaur
आँशु उसी के सामने बहाना जो आँशु का दर्द समझ सके
आँशु उसी के सामने बहाना जो आँशु का दर्द समझ सके
Rituraj shivem verma
दिन ढले तो ढले
दिन ढले तो ढले
Dr.Pratibha Prakash
आसान होते संवाद मेरे,
आसान होते संवाद मेरे,
Swara Kumari arya
"प्रेम की अनुभूति"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
Loading...