Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 Jul 2023 · 1 min read

सिलसिला सांसों का

सिलसिला सांसों का बस सांस तक रक्खा ।
बिछड़ कर किसने फिर किससे राब्ता रक्खा ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
11 Likes · 187 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr fauzia Naseem shad
View all
You may also like:
जो सोचते हैं अलग दुनिया से,जिनके अलग काम होते हैं,
जो सोचते हैं अलग दुनिया से,जिनके अलग काम होते हैं,
पूर्वार्थ
ज़िंदगी फिर भी हमें
ज़िंदगी फिर भी हमें
Dr fauzia Naseem shad
मुहब्बत भी मिल जाती
मुहब्बत भी मिल जाती
Buddha Prakash
" बीकानेरी रसगुल्ला "
Dr Meenu Poonia
बस इतनी सी बात समंदर को खल गई
बस इतनी सी बात समंदर को खल गई
Prof Neelam Sangwan
*पुस्तक समीक्षा*
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
तुममें और मुझमें बस एक समानता है,
तुममें और मुझमें बस एक समानता है,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
Though of the day 😇
Though of the day 😇
ASHISH KUMAR SINGH
चलो मैं आज अपने बारे में कुछ बताता हूं...
चलो मैं आज अपने बारे में कुछ बताता हूं...
Shubham Pandey (S P)
एक छोरी काळती हमेशा जीव बाळती,
एक छोरी काळती हमेशा जीव बाळती,
प्रेमदास वसु सुरेखा
एक प्यार का नगमा
एक प्यार का नगमा
Basant Bhagawan Roy
हम हो जायेंगें दूर तूझसे,
हम हो जायेंगें दूर तूझसे,
$úDhÁ MãÚ₹Yá
एक वो है मासूमियत देख उलझा रही हैं खुद को…
एक वो है मासूमियत देख उलझा रही हैं खुद को…
Anand Kumar
धुन
धुन
Sangeeta Beniwal
ज़माने   को   समझ   बैठा,  बड़ा   ही  खूबसूरत है,
ज़माने को समझ बैठा, बड़ा ही खूबसूरत है,
संजीव शुक्ल 'सचिन'
◆केवल बुद्धिजीवियों के लिए:-
◆केवल बुद्धिजीवियों के लिए:-
*Author प्रणय प्रभात*
दरदू
दरदू
Neeraj Agarwal
हमारा मन
हमारा मन
surenderpal vaidya
श्रीराम वन में
श्रीराम वन में
नवीन जोशी 'नवल'
3292.*पूर्णिका*
3292.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
ईमानदारी. . . . . लघुकथा
ईमानदारी. . . . . लघुकथा
sushil sarna
सब कुछ मिट गया
सब कुछ मिट गया
Madhuyanka Raj
भय लगता है...
भय लगता है...
डॉ.सीमा अग्रवाल
"ढाई अक्षर प्रेम के"
Ekta chitrangini
ले हौसले बुलंद कर्म को पूरा कर,
ले हौसले बुलंद कर्म को पूरा कर,
Anamika Tiwari 'annpurna '
कौन करता है आजकल जज्बाती इश्क,
कौन करता है आजकल जज्बाती इश्क,
डी. के. निवातिया
अश्क तन्हाई उदासी रह गई - संदीप ठाकुर
अश्क तन्हाई उदासी रह गई - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
"जगदलपुर"
Dr. Kishan tandon kranti
अनुनय (इल्तिजा) हिन्दी ग़ज़ल
अनुनय (इल्तिजा) हिन्दी ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
अब बहुत हुआ बनवास छोड़कर घर आ जाओ बनवासी।
अब बहुत हुआ बनवास छोड़कर घर आ जाओ बनवासी।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
Loading...