Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Jun 2022 · 1 min read

साथ भी दूंगा नहीं यार मैं नफरत के लिए।

ग़ज़ल

2122….1122……1122….22/112
साथ भी दूंगा नहीं यार मैं नफरत के लिए।
जान हाज़िर है सदा मेरी मुहब्बत के लिए।

एक शोला हूॅं अगर बात शराफत के लिए।
मेरा साया भी नहीं साथ अदावत के लिए।

जिसने मां बाप को रोटी भी नहीं दी यारो,
राह तकते हैं सदा वो ही वसीयत के लिए।

अग्नि पथ है ये गरल कैसे युवा पी जाएं,
इतनी सस्ती भी नहीं जान शहादत के लिए।

मेरे नगमों में छुपी है जो अनल की ज्वाला,
शायरी मेरी मुकर्रर है बगावत के लिए।

मेरे मौला हो करम मुझे तो बस इतना ही,
सिर पे छत कपड़ा निवाला हो जरूरत के लिए।

कोई भी आए बला सर पे नहीं लो प्रेमी।
हमने सब छोड़ दिए मसले अदालत के लिए।

……..✍️ प्रेमी

1 Like · 214 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
और चौथा ???
और चौथा ???
SHAILESH MOHAN
प्रिय
प्रिय
The_dk_poetry
चप्पलें
चप्पलें
Kanchan Khanna
#आलेख-
#आलेख-
*Author प्रणय प्रभात*
वसंत - फाग का राग है
वसंत - फाग का राग है
Atul "Krishn"
"कुछ तो गुना गुना रही हो"
Lohit Tamta
*कभी अनुकूल होती है, कभी प्रतिकूल होती है (मुक्तक)*
*कभी अनुकूल होती है, कभी प्रतिकूल होती है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
हम हैं कक्षा साथी
हम हैं कक्षा साथी
Dr MusafiR BaithA
हर दिन रोज नया प्रयास करने से जीवन में नया अंदाज परिणाम लाता
हर दिन रोज नया प्रयास करने से जीवन में नया अंदाज परिणाम लाता
Shashi kala vyas
आश्रय
आश्रय
goutam shaw
शिकायत नही तू शुक्रिया कर
शिकायत नही तू शुक्रिया कर
Surya Barman
अभिषेक कुमार यादव: एक प्रेरक जीवन गाथा
अभिषेक कुमार यादव: एक प्रेरक जीवन गाथा
Abhishek Yadav
रोज मरते हैं
रोज मरते हैं
Dr. Reetesh Kumar Khare डॉ रीतेश कुमार खरे
"सन्तुलन"
Dr. Kishan tandon kranti
जंजीरों मे जकड़े लोगो
जंजीरों मे जकड़े लोगो
विनोद सिल्ला
2493.पूर्णिका
2493.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
जीवन का इतना
जीवन का इतना
Dr fauzia Naseem shad
आखिर क्यूं?
आखिर क्यूं?
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
आज बाजार बन्द है
आज बाजार बन्द है
gurudeenverma198
बढ़ना होगा
बढ़ना होगा
सुरेश अजगल्ले"इंद्र"
"वेश्या का धर्म"
Ekta chitrangini
💐बुद्धि: कर्मानुसारिणी, विवेक: न💐
💐बुद्धि: कर्मानुसारिणी, विवेक: न💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
✍️कुछ ख्वाइशें और एक ख़्वाब...
✍️कुछ ख्वाइशें और एक ख़्वाब...
'अशांत' शेखर
बात न बनती युद्ध से, होता बस संहार।
बात न बनती युद्ध से, होता बस संहार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
एक दोहा दो रूप
एक दोहा दो रूप
Suryakant Dwivedi
दिल धड़क उठा
दिल धड़क उठा
Surinder blackpen
मुख  से  निकली पहली भाषा हिन्दी है।
मुख से निकली पहली भाषा हिन्दी है।
सत्य कुमार प्रेमी
नग मंजुल मन मन भावे🌺🪵☘️🍁🪴
नग मंजुल मन मन भावे🌺🪵☘️🍁🪴
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
*** मेरा पहरेदार......!!! ***
*** मेरा पहरेदार......!!! ***
VEDANTA PATEL
टिक टिक टिक
टिक टिक टिक
gpoddarmkg
Loading...