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21 May 2023 · 1 min read

सह जाऊँ हर एक परिस्थिति मैं,

सह जाऊँ हर एक परिस्थिति मैं,
किसी के सही को अपना गलत ना चुन सकूँ,
उड़ जाऊँ कहीं उन्मुक्त गगन में,
अपने हृदय की अपेक्षाएँ ना सुन सकूँ।

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