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20 May 2024 · 1 min read

सरस्वती वंदना

हे मैया मोरी ,
ज्ञान का वर दो मुझ को
हे हंस वह्नि वीणा धारणी ,
शरण पड़ा मैं तेरे ,
शरण पड़ा मैं तेरे ,
मैं अज्ञानी मूरख बालक ,
कर दो दया माँ मुझ पे ,
हे मैया मोरी ,
ज्ञान का वर दो मुझ को

शारदा माँ हे विद्याधारणी
शरण पड़ा मैं तेरे ,
शरण पड़ा मैं तेरे ,
मैं न जानु पूजा अर्चन
दोनों कर जोड़ करू वंदन मैं
हे मैया मोरी ,
ज्ञान का वर दो मुझ को

नीरज मिश्रा “ नीर “ बरही मध्य प्रदेश

1 Like · 28 Views
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