Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Feb 2017 · 1 min read

समय की सीमा से भी आगे….

समय की सीमा से भी आगे
चाँद-सितारों से भी आगे
जहाँ और भी होते हैं क्या …
सपनों के जहाँ से भी आगे
चक्षु भी कहीं सोते हैं क्या
सौंदर्य का दर्पण कितना सुंदर
मधुर-मस्त है कितना सुंदर
दाँत कथा की परियों के साथ
राज कुँवर भी होते हैं क्या…
सौंदर्य तो मन के भीतर समाया
नयन मूँद मुझे समझाया…
समय की सीमा से भी आगे
जहाँ और भी होते हैं क्या …
-राजेश्वर

Language: Hindi
239 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr.Rajeshwar Singh
View all
You may also like:
जब दिल ही उससे जा लगा..!
जब दिल ही उससे जा लगा..!
SPK Sachin Lodhi
मेरे भईया
मेरे भईया
Dr fauzia Naseem shad
यूं ही नहीं कहलाते, चिकित्सक/भगवान!
यूं ही नहीं कहलाते, चिकित्सक/भगवान!
Manu Vashistha
विश्व तुम्हारे हाथों में,
विश्व तुम्हारे हाथों में,
कुंवर बहादुर सिंह
!! सुविचार !!
!! सुविचार !!
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
"क्रूरतम अपराध"
Dr. Kishan tandon kranti
*फागुन का बस नाम है, असली चैत महान (कुंडलिया)*
*फागुन का बस नाम है, असली चैत महान (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
गीत(सोन्ग)
गीत(सोन्ग)
Dushyant Kumar
*Hey You*
*Hey You*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मेरी मां।
मेरी मां।
Taj Mohammad
बहुत नफा हुआ उसके जाने से मेरा।
बहुत नफा हुआ उसके जाने से मेरा।
शिव प्रताप लोधी
"गांव की मिट्टी और पगडंडी"
Ekta chitrangini
क्या हुआ जो मेरे दोस्त अब थकने लगे है
क्या हुआ जो मेरे दोस्त अब थकने लगे है
Sandeep Pande
मनहरण घनाक्षरी
मनहरण घनाक्षरी
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
2459.पूर्णिका
2459.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
प्रिय-प्रतीक्षा
प्रिय-प्रतीक्षा
Kanchan Khanna
इन टिमटिमाते तारों का भी अपना एक वजूद होता है
इन टिमटिमाते तारों का भी अपना एक वजूद होता है
ruby kumari
पतझड़ और हम जीवन होता हैं।
पतझड़ और हम जीवन होता हैं।
Neeraj Agarwal
खुश वही है , जो खुशियों को खुशी से देखा हो ।
खुश वही है , जो खुशियों को खुशी से देखा हो ।
Nishant prakhar
हंसें और हंसाएँ
हंसें और हंसाएँ
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
जन्माष्टमी
जन्माष्टमी
लक्ष्मी सिंह
खुशियों का बीमा (व्यंग्य कहानी)
खुशियों का बीमा (व्यंग्य कहानी)
Dr. Pradeep Kumar Sharma
कौन पढ़ता है मेरी लम्बी -लम्बी लेखों को ?..कितनों ने तो अपनी
कौन पढ़ता है मेरी लम्बी -लम्बी लेखों को ?..कितनों ने तो अपनी
DrLakshman Jha Parimal
मां के हाथ में थामी है अपने जिंदगी की कलम मैंने
मां के हाथ में थामी है अपने जिंदगी की कलम मैंने
कवि दीपक बवेजा
दिल ने दिल को दे दिया, उल्फ़त का पैग़ाम ।
दिल ने दिल को दे दिया, उल्फ़त का पैग़ाम ।
sushil sarna
नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा
नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के कूष्मांडा स्वरूप की पूजा
Shashi kala vyas
Ek ladki udas hoti hai
Ek ladki udas hoti hai
Sakshi Tripathi
हमारा संघर्ष
हमारा संघर्ष
पूर्वार्थ
💐प्रेम कौतुक-473💐
💐प्रेम कौतुक-473💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
■ आज का दोहा...
■ आज का दोहा...
*Author प्रणय प्रभात*
Loading...