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11 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-404💐

सब रंग रखे रह गए हैं मेरे,
कोई रंग नज़र नहीं आया है,
सुर्ख़ हुईं हैं ये काली आँखें,
सब सुर्ख़ नजर ही आया है।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
157 Views
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