Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Mar 2024 · 1 min read

सत्य शुरू से अंत तक

प्रथम सत्य का पाठ बच्चों को,माता पिता ही पढ़ाते हैं।
झूठ बोलना नहीं चाहिए,कहकर सत्य की खोज में जाते हैं।।
आज दिलों में हम लोगों के,सत्य की लौ को जगाते हैं।
सत्य अटल है सत्य शाश्वत, हम इसे बदल नहीं पाते हैं।।
सत्य की राह में कांटे ही कांटे,फूल नहीं हम पाते हैं।
अक्सर लोग सत्य की राह से भटक भी जल्दी जाते हैं।।
इस कठिन यात्रा का आनंद अंत तक चंद लोग ही पाते हैं।
जो पाते हैं आनंद वही तो अंतिम सत्य को पहचान पाते हैं।
अंतिम सत्य को पहचान गये,कभी वो झूठ बोल नहीं पाते हैं।।
जन्म से खोज जो शुरू हुई थी,मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य बताते हैं।
हर व्यक्ति मृत्यु पाकर ही सत्य की खोज खत्म कर पाते हैं।।
कहे विजय बिजनौरी जीवन में जो सत्य सभी अपनाते हैं।
हर उलझन से दूर रहकर अपने जीवन को सफल बनाने हैं।।

विजय कुमार अग्रवाल
विजय बिजनौरी।

2 Likes · 48 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from विजय कुमार अग्रवाल
View all
You may also like:
रोशनी की शिकस्त में आकर अंधेरा खुद को खो देता है
रोशनी की शिकस्त में आकर अंधेरा खुद को खो देता है
कवि दीपक बवेजा
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
हिंदीग़ज़ल की गटर-गंगा *रमेशराज
हिंदीग़ज़ल की गटर-गंगा *रमेशराज
कवि रमेशराज
3458🌷 *पूर्णिका* 🌷
3458🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
**तीखी नजरें आर-पार कर बैठे**
**तीखी नजरें आर-पार कर बैठे**
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
सुनबऽ त हँसबऽ तू बहुते इयार
सुनबऽ त हँसबऽ तू बहुते इयार
आकाश महेशपुरी
हासिल नहीं है कुछ
हासिल नहीं है कुछ
Dr fauzia Naseem shad
■ आंसू माने भेदिया।
■ आंसू माने भेदिया।
*प्रणय प्रभात*
खामोशी ने मार दिया।
खामोशी ने मार दिया।
Anil chobisa
बड़ा गुरुर था रावण को भी अपने भ्रातृ रूपी अस्त्र पर
बड़ा गुरुर था रावण को भी अपने भ्रातृ रूपी अस्त्र पर
सुनील कुमार
दिल आइना
दिल आइना
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
सुनाऊँ प्यार की सरग़म सुनो तो चैन आ जाए
सुनाऊँ प्यार की सरग़म सुनो तो चैन आ जाए
आर.एस. 'प्रीतम'
शौक-ए-आदम
शौक-ए-आदम
AJAY AMITABH SUMAN
ना आसमान सरकेगा ना जमीन खिसकेगी।
ना आसमान सरकेगा ना जमीन खिसकेगी।
Lokesh Sharma
यहां से वहां फिज़ाओं मे वही अक्स फैले हुए है,
यहां से वहां फिज़ाओं मे वही अक्स फैले हुए है,
manjula chauhan
*हेमा मालिनी (कुंडलिया)*
*हेमा मालिनी (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
शब्द ढ़ाई अक्षर के होते हैं
शब्द ढ़ाई अक्षर के होते हैं
Sonam Puneet Dubey
हसरतों के गांव में
हसरतों के गांव में
Harminder Kaur
कर्म भाव उत्तम रखो,करो ईश का ध्यान।
कर्म भाव उत्तम रखो,करो ईश का ध्यान।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
दुनिया से सीखा
दुनिया से सीखा
Surinder blackpen
ये साल भी इतना FAST गुजरा की
ये साल भी इतना FAST गुजरा की
Ranjeet kumar patre
दोहा पंचक. . . क्रोध
दोहा पंचक. . . क्रोध
sushil sarna
ख्वाब नाज़ुक हैं
ख्वाब नाज़ुक हैं
rkchaudhary2012
ये नज़रें
ये नज़रें
Shyam Sundar Subramanian
घर एक मंदिर🌷🙏
घर एक मंदिर🌷🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
#मज़दूर
#मज़दूर
Dr. Priya Gupta
*_......यादे......_*
*_......यादे......_*
Naushaba Suriya
भले वो चाँद के जैसा नही है।
भले वो चाँद के जैसा नही है।
Shah Alam Hindustani
हो गये अब अजनबी, यहाँ सभी क्यों मुझसे
हो गये अब अजनबी, यहाँ सभी क्यों मुझसे
gurudeenverma198
बस चार ही है कंधे
बस चार ही है कंधे
Rituraj shivem verma
Loading...