Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 May 2023 · 1 min read

*संतुष्ट मन*

संतुष्ट मन
हमें ऐसा क्या मिल जाए तो हम प्रसन्न चित्त हो जाएं…..
एक संत राजा से कहते हैं कि आप हमारा दुपट्टा ले लो कहने लगे कि हमारा और आपकी संतुष्टि बराबर मात्रा में है।
तराजू बाट लाकर बताइए आपको लगता है कि आप विशिष्ट है लेकिन सब बराबर मात्रा में है।
दरिद्र नारायण वो होता है जिसकी चाहत ज्यादा हो,
जिसे कुछ नहीं चाहिए वो संतुष्ट मन सुखी है अमीर है।
आवश्यकता से अधिक काम ,अधिक मात्रा मे कपड़े,अधिक मात्रा में बर्तन,अपनी ऊर्जा शक्ति को बर्बाद कर देती है।
अगर उतनी देर ज्यादा से ज्यादा समय भजन कीर्तन सत्संग प्रवचन करते हुए वक्त बिताएंगे तो मन संतुष्ट रहेगा और आयु भी बढ़ेगी।
संतुष्ट मन ही सुखी जीवन जीने का सही तरीका है बाकी समय अपनी ऊर्जा शक्ति बर्बाद करना है।
जय श्री कृष्णा जय श्री राधे🌹🙏🏼

1 Like · 451 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
#अद्भुत_प्रसंग
#अद्भुत_प्रसंग
*Author प्रणय प्रभात*
तीन सौ वर्ष पुराना माई का थान और उसके सेवारत महामंत्री सुनील
तीन सौ वर्ष पुराना माई का थान और उसके सेवारत महामंत्री सुनील
Ravi Prakash
मोहब्बत कर देती है इंसान को खुदा।
मोहब्बत कर देती है इंसान को खुदा।
Surinder blackpen
💐प्रेम कौतुक-405💐
💐प्रेम कौतुक-405💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
देशभक्ति पर दोहे
देशभक्ति पर दोहे
Dr Archana Gupta
कोई शुहरत का मेरी है, कोई धन का वारिस
कोई शुहरत का मेरी है, कोई धन का वारिस
Sarfaraz Ahmed Aasee
ये जो समुद्र है कि बड़े अकड़ में रहता है
ये जो समुद्र है कि बड़े अकड़ में रहता है
कवि दीपक बवेजा
It’s all be worthless if you lose your people on the way..
It’s all be worthless if you lose your people on the way..
पूर्वार्थ
अपना गाँव
अपना गाँव
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
' चाह मेँ ही राह '
' चाह मेँ ही राह '
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
जिस मीडिया को जनता के लिए मोमबत्ती बनना चाहिए था, आज वह सत्त
जिस मीडिया को जनता के लिए मोमबत्ती बनना चाहिए था, आज वह सत्त
शेखर सिंह
सुनी चेतना की नहीं,
सुनी चेतना की नहीं,
सत्यम प्रकाश 'ऋतुपर्ण'
ख्याल
ख्याल
अखिलेश 'अखिल'
जिंदगी
जिंदगी
Sangeeta Beniwal
हर खुशी को नजर लग गई है।
हर खुशी को नजर लग गई है।
Taj Mohammad
💐 *दोहा निवेदन*💐
💐 *दोहा निवेदन*💐
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
मरहटा छंद
मरहटा छंद
Subhash Singhai
2546.पूर्णिका
2546.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
गुरु रामदास
गुरु रामदास
कवि रमेशराज
नौका विहार
नौका विहार
Dr Parveen Thakur
आ गया है मुस्कुराने का समय।
आ गया है मुस्कुराने का समय।
surenderpal vaidya
फूल अब खिलते नहीं , खुशबू का हमको पता नहीं
फूल अब खिलते नहीं , खुशबू का हमको पता नहीं
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
ईश्वर
ईश्वर
Shyam Sundar Subramanian
पैसा ना जाए साथ तेरे
पैसा ना जाए साथ तेरे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
एक मेरे सिवा तुम सबका ज़िक्र करती हो,मुझे
एक मेरे सिवा तुम सबका ज़िक्र करती हो,मुझे
Keshav kishor Kumar
*
*"देश की आत्मा है हिंदी"*
Shashi kala vyas
वक्त (प्रेरणादायक कविता):- सलमान सूर्य
वक्त (प्रेरणादायक कविता):- सलमान सूर्य
Salman Surya
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद – आविर्भाव का समय – 02
असुर सम्राट भक्त प्रह्लाद – आविर्भाव का समय – 02
Kirti Aphale
दृढ़ आत्मबल की दरकार
दृढ़ आत्मबल की दरकार
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
"फसाद की जड़"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...