Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Feb 2023 · 1 min read

संघर्षों के राहों में हम

संघर्षों के राहों में हम
नदियों को भी मोडेगे,
आंधियों में जलकर
गुरूर हवा का तोड़ेंगे |

एक बार जो ठान लिया
मंजिल अपना मान लिया,
आंखों में तूफ़ान लिया
अब काहाँ रास्ते छोड़ेंगे |

मैं संघर्षों की भट्टी में
तपके निकला लोहा हूं,
पत्थर सा मजबूत हुआ
शीशे क्या मुझको तोड़ेंगे |

परवाह कहाँ इसबात की
कौन बीच रास्ते छोड़ेंगे
ये भी अनुभव सीखा है
अपनों को अपने तोड़ेंगे |

जब हमने ये ठान लिया
क्या वह हमको रोकेंगे
रहा हो कठिन लेकिन
चलना नहीं छोड़ेंगे |

जो चट्टानी राहों को जो
बीच भंवर में मोडेगें ,
इस धरती व अंबर पर
क्या नाम निसा छोड़ेंगे |

✍कवि दीपक सरल

Language: Hindi
1 Like · 158 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
“क्योंकि हरेक पति की एक कहानी है ,
“क्योंकि हरेक पति की एक कहानी है ,
Neeraj kumar Soni
"जीवन की परिभाषा"
Dr. Kishan tandon kranti
प्रेम तुझे जा मुक्त किया
प्रेम तुझे जा मुक्त किया
Neelam Sharma
जिसने अस्मत बेचकर किस्मत बनाई हो,
जिसने अस्मत बेचकर किस्मत बनाई हो,
Sanjay ' शून्य'
दोस्ती के नाम
दोस्ती के नाम
Dr. Rajeev Jain
लकवा
लकवा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
मंत्र  :  दधाना करपधाभ्याम,
मंत्र : दधाना करपधाभ्याम,
Harminder Kaur
गर्मी की मार
गर्मी की मार
Dr.Pratibha Prakash
**
**"कोई गिला नहीं "
Dr Mukesh 'Aseemit'
बददुआ देना मेरा काम नहीं है,
बददुआ देना मेरा काम नहीं है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
Khata kar tu laakh magar.......
Khata kar tu laakh magar.......
HEBA
परवरिश
परवरिश
Shashi Mahajan
जो दिखाते हैं हम वो जताते नहीं
जो दिखाते हैं हम वो जताते नहीं
Shweta Soni
हुस्न और खूबसूरती से भरे हुए बाजार मिलेंगे
हुस्न और खूबसूरती से भरे हुए बाजार मिलेंगे
शेखर सिंह
Success rule
Success rule
Naresh Kumar Jangir
शीर्षक : बरसात के दिनों में (हिन्दी)
शीर्षक : बरसात के दिनों में (हिन्दी)
Neeraj Agarwal
Jay prakash dewangan
Jay prakash dewangan
Jay Dewangan
पुरानी पेंशन
पुरानी पेंशन
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
#है_व्यथित_मन_जानने_को.........!!
#है_व्यथित_मन_जानने_को.........!!
संजीव शुक्ल 'सचिन'
मैं सरिता अभिलाषी
मैं सरिता अभिलाषी
Pratibha Pandey
उस दर पे कदम मत रखना
उस दर पे कदम मत रखना
gurudeenverma198
सुलझा हुआ सा समझते हैं मुझको लोग...
सुलझा हुआ सा समझते हैं मुझको लोग...
पूर्वार्थ
ऐसे यूं ना देख
ऐसे यूं ना देख
Shashank Mishra
ना तुमसे बिछड़ने का गम है......
ना तुमसे बिछड़ने का गम है......
Ashish shukla
*रियासत रामपुर और राजा रामसिंह : कुछ प्रश्न*
*रियासत रामपुर और राजा रामसिंह : कुछ प्रश्न*
Ravi Prakash
मैं साहिल पर पड़ा रहा
मैं साहिल पर पड़ा रहा
Sahil Ahmad
माँ का प्यार
माँ का प्यार
Sandhya Chaturvedi(काव्यसंध्या)
■ प्रणय का गीत-
■ प्रणय का गीत-
*प्रणय प्रभात*
तुम मेरी प्रिय भाषा हो
तुम मेरी प्रिय भाषा हो
ब्रजनंदन कुमार 'विमल'
है कुछ पर कुछ बताया जा रहा है।।
है कुछ पर कुछ बताया जा रहा है।।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...