Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
6 Oct 2016 · 2 min read

श्री हनुमत् कथा भाग -2

श्रीहनुमत् कथा
भाग-2
अंजना कौन थीं?इस सम्बन्ध में एक रोचक कथा है।अंजना इन्द्र के यहाँ पुञ्जिकस्थला नामकी अप्सरा थीं ।वह अपनी कामुक क्रीड़ाओं से ऋषि-मुनियों की तपस्या भंग करके पथभ्रष्ट कर देती थीं ।इसका उस अप्सरा को अत्यंत अहंकार था।भगवान किसी के भी अहंकार रहने नहीं देते ।भगवान विष्णु एक तपस्वी के रूप में प्रकट हुए।पञ्जिकस्थला अप्सरा ने उनका तप भंग करने की बहुत कोशिश की जिससे अपने को क्रोधित सा दिखाते हुए तपस्वी ने उसे चंचलांगी वानरी होने का श्राप दे दिया ।इस कारण वह कुंजरेश नामक वानर के यहाँ पुत्री रूप में उत्पन्न हुई ।समय आने पर उसका केसरी नामक वानर के विवाह कर दिया ।वे दौनों कंचन नामक पर्वत पर सुखपूर्वक रहने लगे लेकिन काफी समय पश्चात् भी उनके कोई सन्तान नहीं ।निःसन्तान होना अत्यंत कष्टकारक होता है।जिस घर में बच्चों की किलकारी नहीं गूँजती वह घर किसी भी दृष्टि से शुभ नहीं होता ।सन्तान प्राप्ति के लिए अंजना ने भगवान भोले की कठोर तपस्या की ।भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उसके पुत्र के स्वयं आने का वरदान दिया और कहा कि तेरा वह पुत्र बल वद्या एवं बुद्धि की अतुलित खान ,अपराजेय तथा तीनों लोक में वन्दित होगा ।समय आने पर भगवान शिव द्वारा निषिक्त वीर्य को वायुदेव ने कर्ण मार्ग से माँ अंजना की कुक्षि में स्थापित किया जिससे अतुलित बलशाली ,बुद्धिमान एवं ज्ञानवान वायपुत्र कसरीनन्दन बजरंगवली श्री हनुमानजी का जन्म हुआ ।
शेष अगले अंक में
कथा स्रोत- श्री हनुमच्चरित्रवाटिका संस्कृतमहाकाव्य(रचयिता-श्री हरिहरानन्द जी महाराज )
प्रस्तुतकर्ता -डाँ0 तेज स्वरूप भारद्वाज
बोलो परम बलबन्त श्री हनुमन्त लाल की जय??

Language: Hindi
265 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नवयुग का भारत
नवयुग का भारत
AMRESH KUMAR VERMA
सावन मे नारी।
सावन मे नारी।
Acharya Rama Nand Mandal
तुम्हारे लिए
तुम्हारे लिए
हिमांशु Kulshrestha
हमारे दौर में
हमारे दौर में
*Author प्रणय प्रभात*
2767. *पूर्णिका*
2767. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बरसाने की हर कलियों के खुशबू में राधा नाम है।
बरसाने की हर कलियों के खुशबू में राधा नाम है।
Rj Anand Prajapati
इंसानियत का कत्ल
इंसानियत का कत्ल
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
बड़े गौर से....
बड़े गौर से....
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
संदेशा
संदेशा
manisha
कभी ना होना तू निराश, कभी ना होना तू उदास
कभी ना होना तू निराश, कभी ना होना तू उदास
gurudeenverma198
प्यार समंदर
प्यार समंदर
Ramswaroop Dinkar
तेरी मधुर यादें
तेरी मधुर यादें
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
सफर
सफर
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
बेटी
बेटी
Akash Yadav
ज़िंदगी एक बार मिलती है
ज़िंदगी एक बार मिलती है
Dr fauzia Naseem shad
औलाद
औलाद
Surinder blackpen
छोड़कर साथ हमसफ़र का,
छोड़कर साथ हमसफ़र का,
Gouri tiwari
International Camel Year
International Camel Year
Tushar Jagawat
"दीप जले"
Shashi kala vyas
ध्वनि प्रदूषण कर दो अब कम
ध्वनि प्रदूषण कर दो अब कम
Buddha Prakash
Yu hi wakt ko hatheli pat utha kar
Yu hi wakt ko hatheli pat utha kar
Sakshi Tripathi
निरोगी काया
निरोगी काया
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
धर्मगुरु और राजनेता
धर्मगुरु और राजनेता
Shekhar Chandra Mitra
*झगड़े में पड़ी फिक्र तो, इंसान की पड़ी (हिंदी गजल/ गीतिका )*
*झगड़े में पड़ी फिक्र तो, इंसान की पड़ी (हिंदी गजल/ गीतिका )*
Ravi Prakash
दो दोस्तों की कहानि
दो दोस्तों की कहानि
Sidhartha Mishra
अब खयाल कहाँ के खयाल किसका है
अब खयाल कहाँ के खयाल किसका है
सिद्धार्थ गोरखपुरी
आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद लगता हैं,
आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद लगता हैं,
Jay Dewangan
Dear myself,
Dear myself,
पूर्वार्थ
समर्पण
समर्पण
Sanjay ' शून्य'
मानवता
मानवता
Rahul Singh
Loading...