Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 May 2020 · 1 min read

श्रमिक

श्रमिक मिल जायेंगे
शहरों की तंग गलियों में
बजबजाती नालियों के किनारे
झुग्गियों में
चीथड़ों में लिपटे
और मिल जायेंगे
शहर की अलसायी सहर में
किसी चौराहे पर
चेहरे पर असंख्य चिंता की लकीरों
और कभी न मिटने वाली थकान के साथ
किसी की प्रतीक्षा में.
और प्रतीक्षा समाप्त नहीं होती तो
लौट जाते हैं
उन्हीं तंग, सड़ांध गलियों में
या फिर
शहरों की चौड़ी सड़कों की
विभाजक पटरियों पर
दुत्कारे जाने आशंका के बीच
रात काटने के लिए नित्य.

यह वही श्रमिक हैं
जो शहरों को ऊँचाइयां देते हैं
मशीनों को गति
और विकास को रफ़्तार
पर इन्हें कहाँ मयस्सर
रोटी, कपड़ा और मकान
में एक भी मुकम्मल
हाँ, मई दिवस पर मिलती है
शुभकामनाएं
चलो हम भी रस्म निभाते हैं
मई दिवस पर इन्हें
शुभकामना पठाते हैं
यह भी तो नहीं मिलती,
मर जाती है
इन्हीं की बनाई ड्राइंगरूमों में.

(1 मई, 2020)

Language: Hindi
4 Likes · 1 Comment · 424 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
View all
You may also like:
आस्था
आस्था
DR ARUN KUMAR SHASTRI
💐कुछ तराने नए सुनाना कभी💐
💐कुछ तराने नए सुनाना कभी💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
**** बातें दिल की ****
**** बातें दिल की ****
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
हिसाब रखियेगा जनाब,
हिसाब रखियेगा जनाब,
Buddha Prakash
■ एक प्रयास...विश्वास भरा
■ एक प्रयास...विश्वास भरा
*Author प्रणय प्रभात*
🌸 मन संभल जाएगा 🌸
🌸 मन संभल जाएगा 🌸
पूर्वार्थ
माँ
माँ
Dr Archana Gupta
जब सावन का मौसम आता
जब सावन का मौसम आता
लक्ष्मी सिंह
मित्रता स्वार्थ नहीं बल्कि एक विश्वास है। जहाँ सुख में हंसी-
मित्रता स्वार्थ नहीं बल्कि एक विश्वास है। जहाँ सुख में हंसी-
Dr Tabassum Jahan
नालंदा जब  से  जली, छूट  गयी  सब आस।
नालंदा जब से जली, छूट गयी सब आस।
दुष्यन्त 'बाबा'
बसंत का मौसम
बसंत का मौसम
Awadhesh Kumar Singh
वक्त यूं बीत रहा
वक्त यूं बीत रहा
Sudha Maurya
*अर्ध समाजवादीकरण : एक नमूना (हास्य व्यंग्य)*
*अर्ध समाजवादीकरण : एक नमूना (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
मोबाइल
मोबाइल
Punam Pande
माँ सच्ची संवेदना...
माँ सच्ची संवेदना...
डॉ.सीमा अग्रवाल
सबसे ज्यादा विश्वासघात
सबसे ज्यादा विश्वासघात
ruby kumari
दिल के सभी
दिल के सभी
Dr fauzia Naseem shad
हो भविष्य में जो होना हो, डर की डर से क्यूं ही डरूं मैं।
हो भविष्य में जो होना हो, डर की डर से क्यूं ही डरूं मैं।
Sanjay ' शून्य'
अपने कदमों को बढ़ाती हूँ तो जल जाती हूँ
अपने कदमों को बढ़ाती हूँ तो जल जाती हूँ
SHAMA PARVEEN
*माना के आज मुश्किल है पर वक्त ही तो है,,
*माना के आज मुश्किल है पर वक्त ही तो है,,
Vicky Purohit
प्रेम की चाहा
प्रेम की चाहा
RAKESH RAKESH
लेकिन, प्यार जहां में पा लिया मैंने
लेकिन, प्यार जहां में पा लिया मैंने
gurudeenverma198
चंडीगढ़ का रॉक गार्डेन
चंडीगढ़ का रॉक गार्डेन
Satish Srijan
दोहा मुक्तक
दोहा मुक्तक
sushil sarna
जादू था या तिलिस्म था तेरी निगाह में,
जादू था या तिलिस्म था तेरी निगाह में,
Shweta Soni
मेरी पायल की वो प्यारी सी तुम झंकार जैसे हो,
मेरी पायल की वो प्यारी सी तुम झंकार जैसे हो,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
2475.पूर्णिका
2475.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
निर्जन पथ का राही
निर्जन पथ का राही
नवीन जोशी 'नवल'
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम
Er.Navaneet R Shandily
दाता
दाता
निकेश कुमार ठाकुर
Loading...