Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Feb 2024 · 1 min read

शीर्षक तेरी रुप

*************
तेरा रुप दिल में समाया हैं।
हां मन और मोह लिया है।
जिंदगी गुज़रे तेरा रुप देखते हैं।
हम तुम दो नहीं एक जान हैं।
तेरा रूप ही मरे दिल की शान हैं।
सुबह और शाम सब तेरे नाम हैं।
सच तो तेरा रुप ही जीवन हैं।
मन भावों में इश्क और तू है।
बस एक सोच ही बसी रहती हैं।
हम सभी को एहसास एतबार हैं।
तेरा रूप ही तो मुझे चाहत देती हैं।
सच हम सभी सूरत की सोच रखते हैं।
हक़ीक़त ए इश्क में तेरा रूप बसा हैं।
तेरा रुप मेरा रिश्ता शब्दों में बसा है।
**********************
नीरज अग्रवाल चंदौसी उ.प्र

Language: Hindi
54 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आखिर क्यूं?
आखिर क्यूं?
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
मुस्कुरा देने से खुशी नहीं होती, उम्र विदा देने से जिंदगी नह
मुस्कुरा देने से खुशी नहीं होती, उम्र विदा देने से जिंदगी नह
Slok maurya "umang"
आँखे मूंदकर
आँखे मूंदकर
'अशांत' शेखर
"चांदनी के प्रेम में"
Dr. Kishan tandon kranti
अब भी वही तेरा इंतजार करते है
अब भी वही तेरा इंतजार करते है
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
होरी के हुरियारे
होरी के हुरियारे
Bodhisatva kastooriya
विडम्बना
विडम्बना
Shaily
■ अनावश्यक चेष्टा 👍👍
■ अनावश्यक चेष्टा 👍👍
*Author प्रणय प्रभात*
💐प्रेम कौतुक-210💐
💐प्रेम कौतुक-210💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मेहनत की कमाई
मेहनत की कमाई
Dr. Pradeep Kumar Sharma
2293.पूर्णिका
2293.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
गीत
गीत
Shiva Awasthi
"निखार" - ग़ज़ल
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
धर्म
धर्म
पंकज कुमार कर्ण
घाट किनारे है गीत पुकारे, आजा रे ऐ मीत हमारे…
घाट किनारे है गीत पुकारे, आजा रे ऐ मीत हमारे…
Anand Kumar
गुलाम
गुलाम
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
गजल
गजल
Anil Mishra Prahari
जिम्मेदारी कौन तय करेगा
जिम्मेदारी कौन तय करेगा
Mahender Singh
आप की मुस्कुराहट ही आप की ताकत हैं
आप की मुस्कुराहट ही आप की ताकत हैं
शेखर सिंह
Life is like party. You invite a lot of people. Some leave e
Life is like party. You invite a lot of people. Some leave e
पूर्वार्थ
निंदा और निंदक,प्रशंसा और प्रशंसक से कई गुना बेहतर है क्योंक
निंदा और निंदक,प्रशंसा और प्रशंसक से कई गुना बेहतर है क्योंक
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
किताब
किताब
Sûrëkhâ Rãthí
समय की कविता
समय की कविता
Vansh Agarwal
नजर  नहीं  आता  रास्ता
नजर नहीं आता रास्ता
Nanki Patre
माँ
माँ
Kavita Chouhan
माफ़ कर दो दीवाने को
माफ़ कर दो दीवाने को
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
तुम्हारी आँखें कमाल आँखें
तुम्हारी आँखें कमाल आँखें
Anis Shah
आदिपुरुष फ़िल्म
आदिपुरुष फ़िल्म
Dr Archana Gupta
*बोले बच्चे माँ तुम्हीं, जग में सबसे नेक【कुंडलिया】*
*बोले बच्चे माँ तुम्हीं, जग में सबसे नेक【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
हिटलर
हिटलर
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
Loading...