Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Jun 2016 · 1 min read

शादी का व्यापार

शादी का व्यपार
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
शादी की व्यापार आज कल
चरमोत्कर्ष पे काबिज है ।
चलता फिरता है दूकान यह
कहीं भी आज मुनासिब है ।।

लड़कों की नीलामी होती
सरे आम बाजारों में ।
अच्छे लोग आजकल तो
मिलते हैं एक हजारों में ।।
शादी का व्यपार………………..

कहीं दलालें पान दबाये
भृकुटियाँ चमकाते हैं ।
कहीं शिकंजे कहीं कसौटी
कहीं दाँव दिखलाते हैं ।।
शादी का व्यापार……………….

समझदारी के चोला पहने
कुछ गद्दार भी होते है ।
कुछ मासूम जिंदगी को
नरकों का जीवन देते है ।।
शादी का व्यापार……………

एक साजिश है एक सिस्टम है
जिस घेरे में सब पिसते हैं ।
और जानबूझकर दुनिया में
बच्चों के जीवन घिसते है ।।
शादी का व्यापार………………..

जागो हे युवान देश के
दुष्टों का संहार करो ।
हर घर में रावण बैठा है
उसका तुम निस्तार करो ।।
शादी का व्यापार………………

दुष्कर बंधन तोड़ युवतियाँ
आँख ज़रा अम्बर से मिलाओ ।
इस बेहुद्दी परंपरा को
मिलकर सब अब दूर भगाओ ।।
शादी का व्यापार………………

सामरिक अरुण
देवघर झारखण्ड
15/04/2016

Language: Hindi
Tag: कविता
349 Views
You may also like:
भाये ना यह जिंदगी, चाँद देखे वगैर l
अरविन्द व्यास
क्यों सोचता हूँ मैं इतना
gurudeenverma198
चुनौती
AMRESH KUMAR VERMA
डूबे हैं सर से पांव तक
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कुंडलिया छंद ( योग दिवस पर)
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
कांटों पर उगना सीखो
VINOD KUMAR CHAUHAN
हमदर्द हो जो सबका मददगार चाहिए।
सत्य कुमार प्रेमी
पिता
Abhishek Pandey Abhi
अब नही छल सकते हो
Anamika Singh
दोस्त जीवन में एक सच्चा दोस्त ज़रूर कमाना….
Piyush Goel
" आशा की एक किरण "
DrLakshman Jha Parimal
*तोता सीखा कहना राम (बाल कविता/ गीतिका)*
Ravi Prakash
आईना किसी को बुरा नहीं बताता है
कवि दीपक बवेजा
✍️जुबाँ और कलम
'अशांत' शेखर
बूँद-बूँद को तरसा गाँव
ईश्वर दयाल गोस्वामी
संघर्ष
Sushil chauhan
अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं
sheelasingh19544 Sheela Singh
बंशी बजाये मोहना
लक्ष्मी सिंह
चिराग जलाए नहीं
शेख़ जाफ़र खान
बिटिया दिवस
Ram Krishan Rastogi
" राजस्थान दिवस "
jaswant Lakhara
जातीय उत्पीड़न
Shekhar Chandra Mitra
प्रेयसी
Dr. Sunita Singh
ज़माना कहता है हर बात ......
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
लबों पर हंसी सजाए रखते हैं।
Taj Mohammad
हम तुम्हें जितना
Dr fauzia Naseem shad
वो आज मिला है खुलकर
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
💐अशान्ति: अवश्यमेव नष्ट: भविष्यति,कदा??💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
विसर्जन
Saraswati Bajpai
धर्मराज
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
Loading...