Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jan 2024 · 1 min read

शब्द अभिव्यंजना

शब्द अर्थ है शब्द विभक्ति,
अभिधा,लक्षणा और व्यंजना,
कहलातीं शब्दों की शक्ति।
साक्षात सांकेतिक अर्थ का,
बोधक ‘वाचक’ शब्द ।
शब्द चमत्कृत संसार है।
शब्द सौंदर्य- श्रृंगार है।
शब्द प्रणय की बहार है।
शब्द हृदय की झंकार है ।
शब्द जीवन श्रृंगार है।
शब्द ताकत अपार है।
जुबां के उपवन में,
शब्द लाता बहार है।
शब्द प्रेरणा प्यार है,
शब्द सुंदर सपना है ।
शब्द स्वयं उपकार है।

शब्द असीम दौलत है।
शब्द प्यार का भंडार है।
शब्द इश्क का इजहार है।
शब्द प्रीति राधा रानी,
शब्द पायल की झंकार है।
शब्द बिन सूने संबंध सभी,
शब्द रुहानी प्यार है।
शब्द से पाषाण पिघले,
शब्द कृष्ण मनुहार है।
शब्द ब्रह्म का करिश्मा है।
शब्द जीवन की ऊष्मा है।
शब्द भुवनव्यापी सुषमा है।
शब्द प्यार का प्रकाश है।
शब्द गरीब का उल्लास है।
शब्द हृदय का कैलाश है।
शब्द सुंदर पुष्प पलाश है।
नीलम शर्मा✍️

Language: Hindi
1 Like · 71 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*राम हिंद की गौरव गरिमा, चिर वैभव के गान हैं (हिंदी गजल)*
*राम हिंद की गौरव गरिमा, चिर वैभव के गान हैं (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
बंदिशें
बंदिशें
Dr. Pradeep Kumar Sharma
💐प्रेम कौतुक-479💐
💐प्रेम कौतुक-479💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
दशरथ मांझी होती हैं चीटियाँ
दशरथ मांझी होती हैं चीटियाँ
Dr MusafiR BaithA
प्रेम और दोस्ती में अंतर न समझाया जाए....
प्रेम और दोस्ती में अंतर न समझाया जाए....
Keshav kishor Kumar
कितनी भी हो खत्म हो
कितनी भी हो खत्म हो
Taj Mohammad
कजरी
कजरी
प्रीतम श्रावस्तवी
मेरी मलम की माँग
मेरी मलम की माँग
Anil chobisa
व्यक्ति के शब्द ही उसके सोच को परिलक्षित कर देते है शब्द आपक
व्यक्ति के शब्द ही उसके सोच को परिलक्षित कर देते है शब्द आपक
Rj Anand Prajapati
रंजीत कुमार शुक्ल
रंजीत कुमार शुक्ल
Ranjeet kumar Shukla
"वट वृक्ष है पिता"
Ekta chitrangini
बन रहा भव्य मंदिर कौशल में राम लला भी आयेंगे।
बन रहा भव्य मंदिर कौशल में राम लला भी आयेंगे।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
मेल
मेल
Lalit Singh thakur
■ सांकेतिक कविता
■ सांकेतिक कविता
*Author प्रणय प्रभात*
हृदय को भी पीड़ा न पहुंचे किसी के
हृदय को भी पीड़ा न पहुंचे किसी के
Er. Sanjay Shrivastava
सुनो बुद्ध की देशना, गुनो कथ्य का सार।
सुनो बुद्ध की देशना, गुनो कथ्य का सार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
व्यंग्य क्षणिकाएं
व्यंग्य क्षणिकाएं
Suryakant Dwivedi
खुशी की तलाश
खुशी की तलाश
Sandeep Pande
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
Shekhar Chandra Mitra
"बताया नहीं"
Dr. Kishan tandon kranti
सिंदूर..
सिंदूर..
Ranjeet kumar patre
मन होता है मेरा,
मन होता है मेरा,
Dr Tabassum Jahan
मत गुजरा करो शहर की पगडंडियों से बेखौफ
मत गुजरा करो शहर की पगडंडियों से बेखौफ
Damini Narayan Singh
सजनी पढ़ लो गीत मिलन के
सजनी पढ़ लो गीत मिलन के
Satish Srijan
बाल कविता: मुन्ने का खिलौना
बाल कविता: मुन्ने का खिलौना
Rajesh Kumar Arjun
जल सिंधु नहीं तुम शब्द सिंधु हो।
जल सिंधु नहीं तुम शब्द सिंधु हो।
कार्तिक नितिन शर्मा
पुकार
पुकार
Manu Vashistha
सुन्दरता।
सुन्दरता।
Anil Mishra Prahari
*और ऊपर उठती गयी.......मेरी माँ*
*और ऊपर उठती गयी.......मेरी माँ*
Poonam Matia
Loading...