Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
3 May 2024 · 1 min read

वो सांझ

रोज एक आस के साथ बढता ये सवेरा,
रोज एक एहसास के साथ ढलती वो सांझ ।

पिता की ऊर्जा सा शक्ति वान ये सवेरा,
मां की ममता सी कोमल वो सांझ।

मेरे सामने रोज चुनौती रखता ये सवेरा ,
चुनौतियों को पूरा कर खुशी दिलाती वो सांझ ।

मेरे हौसलों को नई उड़ान देता ये सवेरा,
उड़ान को नई पहचान दिलाती वो सांझ ।

लोगों से मिलना और पहचान बनाता ये सवेरा,
पहचान को रिश्तों की गांठ तक ले आती वो सांझ।

दुनिया की हलचल में शोर मचाता ये सवेरा,
उस शोर के बाद सुकून पहुंचाती वो सांझ ।

रोज मुझे दुनिया में बिखेरता ये सवेरा,
रोज मुझे खुद में समेटती वो सांझ ।

कर्म पथ पर आगे बढ़ाता ये सवेरा,
रोज उसकी यादों का तूफान ले आती वो सांझ।

लक्ष्मी वर्मा ‘प्रतीक्षा’
खरियार रोड, ओड़िशा।

Language: Hindi
1 Like · 2 Comments · 39 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
****रघुवीर आयेंगे****
****रघुवीर आयेंगे****
Kavita Chouhan
बे फिकर होके मैं सो तो जाऊं
बे फिकर होके मैं सो तो जाऊं
Shashank Mishra
सत्ता परिवर्तन
सत्ता परिवर्तन
Dr. Pradeep Kumar Sharma
दीनानाथ दिनेश जी से संपर्क
दीनानाथ दिनेश जी से संपर्क
Ravi Prakash
रात में कर देते हैं वे भी अंधेरा
रात में कर देते हैं वे भी अंधेरा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
"मेरी कलम से"
Dr. Kishan tandon kranti
हसरतों के गांव में
हसरतों के गांव में
Harminder Kaur
1)“काग़ज़ के कोरे पन्ने चूमती कलम”
1)“काग़ज़ के कोरे पन्ने चूमती कलम”
Sapna Arora
आपकी यादें
आपकी यादें
Lokesh Sharma
Ab maine likhna band kar diya h,
Ab maine likhna band kar diya h,
Sakshi Tripathi
तेवरी
तेवरी
कवि रमेशराज
ए कुदरत के बंदे ,तू जितना तन को सुंदर रखे।
ए कुदरत के बंदे ,तू जितना तन को सुंदर रखे।
Shutisha Rajput
पहाड़ के गांव,एक गांव से पलायन पर मेरे भाव ,
पहाड़ के गांव,एक गांव से पलायन पर मेरे भाव ,
Mohan Pandey
मन में एक खयाल बसा है
मन में एक खयाल बसा है
Rekha khichi
मेरे मालिक मेरी क़लम को इतनी क़ुव्वत दे
मेरे मालिक मेरी क़लम को इतनी क़ुव्वत दे
Dr Tabassum Jahan
सज्जन से नादान भी, मिलकर बने महान।
सज्जन से नादान भी, मिलकर बने महान।
आर.एस. 'प्रीतम'
चंद अशआर - हिज्र
चंद अशआर - हिज्र
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
नास्तिकों और पाखंडियों के बीच का प्रहसन तो ठीक है,
नास्तिकों और पाखंडियों के बीच का प्रहसन तो ठीक है,
शेखर सिंह
दीवारों की चुप्पी में राज हैं दर्द है
दीवारों की चुप्पी में राज हैं दर्द है
Sangeeta Beniwal
"रंग भले ही स्याह हो" मेरी पंक्तियों का - अपने रंग तो तुम घोलते हो जब पढ़ते हो
Atul "Krishn"
जय अयोध्या धाम की
जय अयोध्या धाम की
Arvind trivedi
*** पल्लवी : मेरे सपने....!!! ***
*** पल्लवी : मेरे सपने....!!! ***
VEDANTA PATEL
दोहे
दोहे
अशोक कुमार ढोरिया
जुआं उन जोखिमों का कुंआ है जिसमे युधिष्ठिर अपना सर्वस्व हार
जुआं उन जोखिमों का कुंआ है जिसमे युधिष्ठिर अपना सर्वस्व हार
Rj Anand Prajapati
माँ तस्वीर नहीं, माँ तक़दीर है…
माँ तस्वीर नहीं, माँ तक़दीर है…
Anand Kumar
इसी से सद्आत्मिक -आनंदमय आकर्ष हूँ
इसी से सद्आत्मिक -आनंदमय आकर्ष हूँ
Pt. Brajesh Kumar Nayak
तुम्हारे
तुम्हारे
हिमांशु Kulshrestha
2796. *पूर्णिका*
2796. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
At the end of the day, you have two choices in love – one is
At the end of the day, you have two choices in love – one is
पूर्वार्थ
■ आज का शेर-
■ आज का शेर-
*प्रणय प्रभात*
Loading...