Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jan 2024 · 1 min read

!! वो बचपन !!

बेरोक टोक सा होकर तू
जब गलियों में लहराता था

सारे सपने होंगे पूरे
तू अकड़ के सब को बताता था

थे कहाँ पांव तेरे जमीन पर
तू हवा से शर्त लड़ाता था

न जाने कौन कौन सी बातें
तुझको मुझको सहलाती थीं

फिर अगले ही पल में वो भी
जाने क्यों गुम हो जाती थीं

क्या खाया क्या न खाया
इन सब का तुझको होश कहाँ

तेरी होती थी साँस सी अटकी
ठहरे होते थे दोस्त जहाँ

था अजब जोश, उत्साह नया
थे नए पंख और रक्त नया

पढ़ने लिखने से बैर सा था
मन मे थे जाने कितने सवेरे

कितनी शामें थी मुट्ठी में
सूरज, चंदा थे अंगूठी में

तारों को था तुझ पर नाज़
तुझसे था जैसे उनका बजूद

मात – पिता की था तू शान
उनको था तुझ पर अभिमान

लेकर के चला जब उनके सपने
कहलाते थे जो तेरे अपने

चल फिर से तू उन गलियों में
वो गलियां तुझ को बुलाती हैं

था कितना निश्छल वो बचपन
ये यादें सबको बताती हैं ।

!! आकाशवाणी !!

Language: Hindi
49 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
मलूल
मलूल
Satish Srijan
కృష్ణా కృష్ణా నీవే సర్వము
కృష్ణా కృష్ణా నీవే సర్వము
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
Tumhari sasti sadak ki mohtaz nhi mai,
Tumhari sasti sadak ki mohtaz nhi mai,
Sakshi Tripathi
मेरे राम
मेरे राम
Ajay Mishra
आजा कान्हा मैं कब से पुकारूँ तुझे।
आजा कान्हा मैं कब से पुकारूँ तुझे।
Neelam Sharma
रंग जीवन के
रंग जीवन के
kumar Deepak "Mani"
जी रहे है तिरे खयालों में
जी रहे है तिरे खयालों में
Rashmi Ranjan
जन पक्ष में लेखनी चले
जन पक्ष में लेखनी चले
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
🙅एक शोध🙅
🙅एक शोध🙅
*Author प्रणय प्रभात*
*लॉकडाउन (लघु कथा)*
*लॉकडाउन (लघु कथा)*
Ravi Prakash
रससिद्धान्त मूलतः अर्थसिद्धान्त पर आधारित
रससिद्धान्त मूलतः अर्थसिद्धान्त पर आधारित
कवि रमेशराज
जिंदगी में.....
जिंदगी में.....
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
अब और ढूंढने की ज़रूरत नहीं मुझे
अब और ढूंढने की ज़रूरत नहीं मुझे
Aadarsh Dubey
सिद्धत थी कि ,
सिद्धत थी कि ,
ज्योति
मां
मां
Dr. Pradeep Kumar Sharma
बुढ़िया काकी बन गई है स्टार
बुढ़िया काकी बन गई है स्टार
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
A Beautiful Mind
A Beautiful Mind
Dhriti Mishra
अज्ञात है हम भी अज्ञात हो तुम भी...!
अज्ञात है हम भी अज्ञात हो तुम भी...!
Aarti sirsat
पथिक आओ ना
पथिक आओ ना
Rakesh Rastogi
किसी एक के पीछे भागना यूं मुनासिब नहीं
किसी एक के पीछे भागना यूं मुनासिब नहीं
Dushyant Kumar Patel
क्या रखा है???
क्या रखा है???
Sûrëkhâ Rãthí
मन में उतर कर मन से उतर गए
मन में उतर कर मन से उतर गए
ruby kumari
आकाश के नीचे
आकाश के नीचे
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
कृतिकार का परिचय/
कृतिकार का परिचय/"पं बृजेश कुमार नायक" का परिचय
Pt. Brajesh Kumar Nayak
"ऐ मेरे बचपन तू सुन"
Dr. Kishan tandon kranti
गुब्बारे की तरह नहीं, फूल की तरह फूलना।
गुब्बारे की तरह नहीं, फूल की तरह फूलना।
निशांत 'शीलराज'
राम विवाह कि मेहंदी
राम विवाह कि मेहंदी
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
" तार हूं मैं "
Dr Meenu Poonia
आंखें मेरी तो नम हो गई है
आंखें मेरी तो नम हो गई है
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
// जिंदगी दो पल की //
// जिंदगी दो पल की //
Surya Barman
Loading...