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विश्व मजदूर दिवस पर दोहे

विश्व मजदूर दिवस पर विशेष दोहे-

*बिषय-मजदूर*

*1*

बनते जो मजदूर है,
वे कितने मजबूर ।
सबकुछ अपना छोड़ के,
घर से बेहद दूर ।।

****

*2*

मिले मजूरी जब उसे,
तब रोटी बन पाय।
जिस दिन गया न काम पर,
भूखा ही रह जाय।
***

*-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’*
अध्यक्ष मप्र लेखक संघ
संपादक-“आकांक्षा’ पत्रिका
शिवगनर कालोनी, टीकमगढ़ (म. प्र.)
मोबाइल -9893520965

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