Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Jul 19, 2022 · 1 min read

विशेष दिन (महिला दिवस पर)

दिन तो सभी एक से होते हैं,
फिर क्यों किसी एक दिन को,
बना दिया जाता है विशेष,
सजा दिये जाते हैं मंच,
की जाती हैं चर्चाऐं,
प्रदान किये जाते हैं सम्मान, पुरस्कार,
आखिर किस लिए आयोजित होते हैं,
बड़े-बड़े समारोह व आयोजन,
क्यों, आखिर क्यों –
क्योंकि –
साल के अन्य दिनों में,
जिन्दगी रहती हैं अस्त-पस्त,
रोजमर्रा के कार्यों में व्यस्त,
तो –
चुन लिया जाता है एक दिन,
करने को आत्म-मंथन,
निज कर्मों का अवलोकन,
कहाँ थे, कहाँ पहुँचे, कहाँ पहुँचना है,
तोलने हेतु अपने पर,
खुले आसमान पर अपनी उड़ान,
प्रगति-पथ पर क्या हैं हमारे नये लक्ष्य,
क्या होना चाहिए हमारा स्थान, हमारी पहचान।

रचनाकार :- कंचन खन्ना, कोठीवाल नगर,
मुरादाबाद, (उ०प्र०, भारत) ।
सर्वाधिकार, सुरक्षित (रचनाकार)।
दिनांक :- ०८.०३.२०१८.

34 Views
You may also like:
✍️स्त्री : दोन बाजु✍️
'अशांत' शेखर
खेसारी लाल बानी
Ranjeet Kumar
Love Heart
Buddha Prakash
अश्रुपात्र ... A glass of tears भाग- 2 और 3
Dr. Meenakshi Sharma
उम्मीद का चराग।
Taj Mohammad
पैसों से नेकियाँ बनाता है।
Taj Mohammad
जीवन की सौगात "पापा"
Dr.Alpa Amin
शायरी
श्याम सिंह बिष्ट
स्वयं में एक संस्था थे श्री ओमकार शरण ओम
Ravi Prakash
बेटी का पत्र माँ के नाम
Anamika Singh
जल है जीवन में आधार
Mahender Singh Hans
पिता की नियति
Prabhudayal Raniwal
मां ने।
Taj Mohammad
इंतजार
Anamika Singh
कर्म
Rakesh Pathak Kathara
दोहे एकादश ...
डॉ.सीमा अग्रवाल
बचपन को जिसने अपने
Dr fauzia Naseem shad
पिता की व्यथा
मनोज कर्ण
स्वार्थ
Vikas Sharma'Shivaaya'
✍️दिव्याची महत्ती...!✍️
'अशांत' शेखर
दिलों से नफ़रतें सारी
Dr fauzia Naseem shad
टूटने न पाये रिश्तों की डोर
Dr fauzia Naseem shad
हक़ीक़त न पूछिए
Dr fauzia Naseem shad
तप रहे हैं दिन घनेरे / (तपन का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
कुछ बारिशें बंजर लेकर आती हैं।
Manisha Manjari
दिल की ये आरजू है
श्री रमण 'श्रीपद्'
नहीं हंसी का खेल
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
इंसानियत बनाती है
gurudeenverma198
कर्म में कौशल लाना होगा
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
प़थम स्वतंत्रता संग्राम
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...