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5 Mar 2024 · 1 min read

विकलांगता : नहीं एक अभिशाप

विकलांगता : नहीं अभिशाप !
– डॉ० उपासना पाण्डेय
विकलांग होने का न करो संताप,
विकलांगता नहीं कोई अभिशाप !

अंग विहीनता में नहीं तुम्हारा दोष
फिर मानस पटल पर कैसा रोष!

शारीरिक हीनता से हो जाओ पार,
तुम्हारे पास मानसिक शक्ति अपार ।

प्रत्येक मानव में होता कुछ विशेष गुण,
अन्तर्निहित विशिष्टता को तू ढूँढ !

स्वयं को असहाय समझने की भूल,
तुम्हारी अपनी ही है कोई चूक ।

यदि स्वयं पर हो दृढ़ विश्वास,
तो मनुष्य बनता, आम से खास ।

Language: Hindi
2 Likes · 581 Views
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