Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Feb 2022 · 2 min read

लोकतंत्र में मुर्दे

चुनाव आते ही मुर्दे जीवित हो जाते हैं,
वह लहलहाने लगते हैं
नए-नए “वादों” की बहती बयार से
यह वही मुर्दे हैं जो
पिछले चुनाव के बाद-
धीरे-धीरे मर गए थे
क्योंकि-
“वादे-एतबार” मुकर गए थे
बेज़ान हो आवाज़ भी नहीं उठा पाए थे
वादाखि़लाफ़ी के विरुद्ध
और अन्ततः मुर्दे हो गए थे।
चुनाव आते ही “वादों” की बयार
फिर से बहने लगती है
और मुर्दे-
फिर से जीवित हो जाते हैं
लोकतंत्र का “पर्व” मनाने के लिए
वस्तुतः वह मुर्दे ही होते हैं
बस, “पर्व” मनते देखते हैं
उन आँखों से, जो पथरा गई होती हैं,
सच्चाई नहीं देख पातीं,
उन्हें बताया जाता है, गिनाया जाता है
घोषणा-पत्रों में किए गए अनगिनत लुभावने वादे
जो पूरे किए जाएंगे “वोट” के बदले
अगले चुनाव के आने तक
यह आपसी लेन-देन का व्यापार है
चलता ही रहता है,
मुर्दे इसी आश में जीवित हो जाते हैं
उन्हें बताया जाता है, गिनाया भी जाता है-
देखो, हम सपनों के सौदागर हैं
हम तुम्हारे लिए सपने देखते हैं,
और पूरा भी करेंगे,
देखो-
मिलने वाला है बहुत कुछ निःशुल्क
अब “रोटी” के लाले नहीं पड़ेंगे
आकण्ठ अन्न ही अन्न होगा
चतुर्दिक कपड़े ही कपड़े होंगे, रंग-बिरंगे
रहने का ठौर भी मिलेगा
कोई आँख नहीं दिखा पाएगा, यह भी वादा है
हरियाली होगी- खेतों में,
किसान नहीं करेंगे अब “आत्महत्या”
उनके कर्जे हमारे होंगे
हम ठोस कदम उठाएंगे,
चहुओर कारखाने भी लगाएंगे।
भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाएंगे,
अब नहीं होंगे “घोटाले”
ऐसा माहौल बनाएंगे
परदेस में पड़े धन वापस लाएंगे
सरकारी खजाने फिर से खिल जाएंगे
सबका अपना बटुआ होगा
हम “पानी” देंगे, प्यास बुझेगी
“आक्सीजन” देंगे, सांस चलेगी
हम वादा करते है, “मुर्दे” नहीं होने देंगे
देश में चिकित्सक भर देंगे,
चिकित्सालयों की भरमार होगी
न कोई बीटिया “शिकार” होगी
सबको किया जाएगा “शिक्षित”
सब होंगे देश प्रेम से भरपूर “दीक्षित” ।
और अन्ततः चुनावी घोषणा-पत्र के वादों से अभिभूत
जीवित हो चुके मुर्दे
सोल्लास लोकतंत्र की “रस्म” निभाते हैं
ईवीएम का बटन मतार्थी के पक्ष में दबाते हैं
और फिर हो जाते हैं “मुर्दा”
पथराई आँखों में “वादों” की आश समेटे
आगामी चुनाव तक के लिए ।

Language: Hindi
4 Likes · 2 Comments · 295 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
View all
You may also like:
हो गई तो हो गई ,बात होनी तो हो गई
हो गई तो हो गई ,बात होनी तो हो गई
गुप्तरत्न
हास्य कुंडलियाँ
हास्य कुंडलियाँ
Ravi Prakash
फ़साने
फ़साने
अखिलेश 'अखिल'
“बिरहनी की तड़प”
“बिरहनी की तड़प”
DrLakshman Jha Parimal
The enchanting whistle of the train.
The enchanting whistle of the train.
Manisha Manjari
* किधर वो गया है *
* किधर वो गया है *
surenderpal vaidya
सुविचार
सुविचार
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
🙅ओनली पूछिंग🙅
🙅ओनली पूछिंग🙅
*प्रणय प्रभात*
मजदूर है हम
मजदूर है हम
Dinesh Kumar Gangwar
हे मां शारदे ज्ञान दे
हे मां शारदे ज्ञान दे
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
प्रिंसिपल सर
प्रिंसिपल सर
Dr. Pradeep Kumar Sharma
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
तेरी मुस्कान होती है
तेरी मुस्कान होती है
Namita Gupta
अनचाहे अपराध व प्रायश्चित
अनचाहे अपराध व प्रायश्चित
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
2788. *पूर्णिका*
2788. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
बह्र ## 2122 2122 2122 212 फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन काफिया ## चुप्पियाँ (इयाँ) रदीफ़ ## बिना रदीफ़
बह्र ## 2122 2122 2122 212 फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन काफिया ## चुप्पियाँ (इयाँ) रदीफ़ ## बिना रदीफ़
Neelam Sharma
यथार्थ
यथार्थ
Shyam Sundar Subramanian
(18) छलों का पाठ्यक्रम इक नया चलाओ !
(18) छलों का पाठ्यक्रम इक नया चलाओ !
Kishore Nigam
कर्म परायण लोग कर्म भूल गए हैं
कर्म परायण लोग कर्म भूल गए हैं
प्रेमदास वसु सुरेखा
" नई चढ़ाई चढ़ना है "
भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
"विश्ववन्दनीय"
Dr. Kishan tandon kranti
आज, नदी क्यों इतना उदास है.....?
आज, नदी क्यों इतना उदास है.....?
VEDANTA PATEL
गौर फरमाएं अर्ज किया है....!
गौर फरमाएं अर्ज किया है....!
पूर्वार्थ
हम बेजान हैं।
हम बेजान हैं।
Taj Mohammad
आप जब खुद को
आप जब खुद को
Dr fauzia Naseem shad
तेरे दिल की आवाज़ को हम धड़कनों में छुपा लेंगे।
तेरे दिल की आवाज़ को हम धड़कनों में छुपा लेंगे।
Phool gufran
दुश्मन जमाना बेटी का
दुश्मन जमाना बेटी का
लक्ष्मी सिंह
*ईर्ष्या भरम *
*ईर्ष्या भरम *
DR ARUN KUMAR SHASTRI
🙏 🌹गुरु चरणों की धूल🌹 🙏
🙏 🌹गुरु चरणों की धूल🌹 🙏
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
जिंदगी ना जाने कितने
जिंदगी ना जाने कितने
Ragini Kumari
Loading...