Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Feb 2024 · 1 min read

*लटें जज़्बात कीं*

प्यार के रिश्ते में गुथना
जैसे कि सीधी-सपाट लटों का
किसी चोटी में गुथना|
गुथने से पहले
न कोई उतार-चढाव, न कोई घुमाव
बस किसी धारा-सा निश्छल बहाव|
गुथने के बाद कितना
आ जाता है जीवन में बदलाव|
परस्पर जोड़ने को ‘अपने’
ज्यूँ फैलाए जाते हैं हाथ
त्यूँ बनता है चुटिया में इक-इक घुमाव|

दूर तक रिश्तों में सिमटे चलना
जैसे लटों का चोटी में बटना|
पर जब! छोड़ दे साथ एक लट बीच में ही,
दूजी लट क्या करे फिर अधूरी-सी|
हर रंग अधूरा, हर सिम्त उदासी
बिन सुमन हर शाख अधूरी-सी|

मुड़ना, जुड़ना, जुडके फिर चलना
कहाँ मुमकिन है फिर
गुथ की लटें भी कब
आसानी से गुथी जाती हैं फिर?
बालों को धो, सुलझा भी ले कोई,
निशानियाँ कहाँ धो पाती है ज़िंदगी..
कहाँ सुलझ पाती है इल्झन प्यार की,
कहाँ बन पाती है जगह
फिर किसी ओर के इसरार की?
समय की धूप ही इल्झन निकाल दे मगर
सूख के अकड़ जाती हैं लटें जज़्बात कीं|

Language: Hindi
5 Likes · 2 Comments · 1053 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
The wrong partner in your life will teach you that you can d
The wrong partner in your life will teach you that you can d
पूर्वार्थ
फूल सूखी डाल पर  खिलते  नहीं  कचनार  के
फूल सूखी डाल पर खिलते नहीं कचनार के
Anil Mishra Prahari
*आशिक़*
*आशिक़*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
यह अपना रिश्ता कभी होगा नहीं
यह अपना रिश्ता कभी होगा नहीं
gurudeenverma198
पल-पल यू मरना
पल-पल यू मरना
The_dk_poetry
2805. *पूर्णिका*
2805. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कोई मोहताज
कोई मोहताज
Dr fauzia Naseem shad
पुण्य आत्मा
पुण्य आत्मा
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
कई रात को भोर किया है
कई रात को भोर किया है
कवि दीपक बवेजा
असंतुष्ट और चुगलखोर व्यक्ति
असंतुष्ट और चुगलखोर व्यक्ति
Dr.Rashmi Mishra
छत्तीसगढ़ के युवा नेता शुभम दुष्यंत राणा Shubham Dushyant Rana
छत्तीसगढ़ के युवा नेता शुभम दुष्यंत राणा Shubham Dushyant Rana
Bramhastra sahityapedia
स्वस्थ्य मस्तिष्क में अच्छे विचारों की पूॅजी संकलित रहती है
स्वस्थ्य मस्तिष्क में अच्छे विचारों की पूॅजी संकलित रहती है
तरुण सिंह पवार
क्यों अब हम नए बन जाए?
क्यों अब हम नए बन जाए?
डॉ० रोहित कौशिक
शीत लहर
शीत लहर
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
!! उमंग !!
!! उमंग !!
Akash Yadav
फांसी के तख्ते से
फांसी के तख्ते से
Shekhar Chandra Mitra
कसूर उनका नहीं मेरा ही था,
कसूर उनका नहीं मेरा ही था,
Vishal babu (vishu)
कलम लिख दे।
कलम लिख दे।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
"सैनिक की चिट्ठी"
Ekta chitrangini
यूं ही आत्मा उड़ जाएगी
यूं ही आत्मा उड़ जाएगी
Ravi Ghayal
■ मुक्तक / पुरुषार्थ ही जीवंतता
■ मुक्तक / पुरुषार्थ ही जीवंतता
*Author प्रणय प्रभात*
यह जो कानो में खिचड़ी पकाते हो,
यह जो कानो में खिचड़ी पकाते हो,
Ashwini sharma
छोड़ भगौने को चमचा, चल देगा उस दिन ।
छोड़ भगौने को चमचा, चल देगा उस दिन ।
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
दलित लेखक बिपिन बिहारी से परिचय कीजिए / MUSAFIR BAITHA
दलित लेखक बिपिन बिहारी से परिचय कीजिए / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
देता मगर न वोट , अश्रु से रोता नेता (हास्य कुंडलिया)
देता मगर न वोट , अश्रु से रोता नेता (हास्य कुंडलिया)
Ravi Prakash
"सच्चाई"
Dr. Kishan tandon kranti
सफर है! रात आएगी
सफर है! रात आएगी
Saransh Singh 'Priyam'
💐प्रेम कौतुक-349💐
💐प्रेम कौतुक-349💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
नववर्ष नवशुभकामनाएं
नववर्ष नवशुभकामनाएं
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
अधखिला फूल निहार रहा है
अधखिला फूल निहार रहा है
VINOD CHAUHAN
Loading...