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8 Mar 2023 · 1 min read

“लक्ष्मण-रेखा”

“लक्ष्मण-रेखा”
दर्द के समन्दर में सदियों से नारी
अपने अरमान डुबोती है,
आज की सीता
चीख-चीख कर पूछ रही
क्या पुरुषों की
लक्ष्मण-रेखा नहीं होती है?
– डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति

5 Likes · 3 Comments · 487 Views
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