Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Jun 2023 · 1 min read

रिश्ते

यह दुनिया,
रिश्ते को ,
जीना भूल रही है ।
रिश्ते बस ,
भुना लिये जाये,
यही सच ,
कबूल रही है ।
छल कपट और ,
मीठी मिसरी,
रिश्तो को ,
कभी नही,
चाहिए थी ,
वहां तो बस,
खामोशी से ,
निभा दीजिये,
यही एक,
रस्म है।
मगर ,अब ,
वो ,स्नेह और,
आतमीयता नही,
प्रेम
नही,
आज तो ,
आडंबरों के,
ढोल है,
खूब बजाये जाते हैं,
आजकल रिश्ते निभाये कम,
उससे ज्यादा,
जताये जाते है ।

3 Likes · 317 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Harish Chandra Pande
View all
You may also like:
जीवन तुम्हें जहां ले जाए तुम निर्भय होकर जाओ
जीवन तुम्हें जहां ले जाए तुम निर्भय होकर जाओ
Ms.Ankit Halke jha
बाँध लू तुम्हें......
बाँध लू तुम्हें......
Dr Manju Saini
🌺प्रेम कौतुक-191🌺
🌺प्रेम कौतुक-191🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
*सुबह हुई तो सबसे पहले, पढ़ते हम अखबार हैं (हिंदी गजल)*
*सुबह हुई तो सबसे पहले, पढ़ते हम अखबार हैं (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
मेरी चाहत
मेरी चाहत
Namrata Sona
बसंत आने पर क्या
बसंत आने पर क्या
Surinder blackpen
हाँ ये सच है
हाँ ये सच है
Dr. Man Mohan Krishna
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
डॉ अरूण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मंहगाई, भ्रष्टाचार,
मंहगाई, भ्रष्टाचार,
*Author प्रणय प्रभात*
सात जन्मों की शपथ
सात जन्मों की शपथ
Bodhisatva kastooriya
जमाने की साजिशों के आगे हम मोन खड़े हैं
जमाने की साजिशों के आगे हम मोन खड़े हैं
कवि दीपक बवेजा
मोहब्बत के शरबत के रंग को देख कर
मोहब्बत के शरबत के रंग को देख कर
Shakil Alam
दिल में भी
दिल में भी
Dr fauzia Naseem shad
दोहा- मीन-मेख
दोहा- मीन-मेख
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
'क्या कहता है दिल'
'क्या कहता है दिल'
निरंजन कुमार तिलक 'अंकुर'
विडंबना
विडंबना
Shyam Sundar Subramanian
मैं स्वयं हूं..👇
मैं स्वयं हूं..👇
Shubham Pandey (S P)
बहन की रक्षा करना हमारा कर्तव्य ही नहीं बल्कि धर्म भी है, पर
बहन की रक्षा करना हमारा कर्तव्य ही नहीं बल्कि धर्म भी है, पर
जय लगन कुमार हैप्पी
"किसी की नज़र ना लगे"
Dr. Kishan tandon kranti
किछ पन्नाके छै ई जिनगीहमरा हाथमे कलम नइँमेटाैना थमाएल गेल अछ
किछ पन्नाके छै ई जिनगीहमरा हाथमे कलम नइँमेटाैना थमाएल गेल अछ
गजेन्द्र गजुर ( Gajendra Gajur )
कविता-
कविता- "हम न तो कभी हमसफ़र थे"
Dr Tabassum Jahan
चिंता
चिंता
RAKESH RAKESH
The jaurney of our life begins inside the depth of our mothe
The jaurney of our life begins inside the depth of our mothe
Sakshi Tripathi
22-दुनिया
22-दुनिया
Ajay Kumar Vimal
2695.*पूर्णिका*
2695.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जीवन दर्शन मेरी नज़र से. .
जीवन दर्शन मेरी नज़र से. .
Satya Prakash Sharma
लोकतंत्र का मंत्र
लोकतंत्र का मंत्र
Jeewan Singh 'जीवनसवारो'
वो लुका-छिपी वो दहकता प्यार—
वो लुका-छिपी वो दहकता प्यार—
Shreedhar
मुस्कुराहट
मुस्कुराहट
Naushaba Suriya
Loading...