Oct 19, 2016 · 1 min read

राजयोगमहागीता: गोकुलका धामप्यारा, नारायण- सतनाम: जितेंद्रकमलआनंद ( पोस्ट५८)

घनाक्षरी:::
———-गोकुल का धाम प्यारा , नारायण सतनाम
जिनका सच्चिदानंद घन नाम प्यारा है ।
चिन्मय कमल कर्णिका में जो निवास करें ,
परम पुरुष उन्हें वेदों ने उच्चारा है ।
नित्य ही किया है हमने जिनको समर्पण,
आज उन्हीं ब्रह्म को ही हमने पुकारा है ।
परम प्रिय सखा के गुण — गान गाते — गाते,
कमल आनंद मुख वही काव्यधारा है ।।घनाक्षरी।।

—— जितेन्द्र कमल आनंद

102 Views
You may also like:
गौरैया बोली मुझे बचाओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
कौन था वो ?...
मनोज कर्ण
प्रकृति का अंदाज.....
Dr. Alpa H.
कोई मंझधार में पड़ा हैं
VINOD KUMAR CHAUHAN
सारी फिज़ाएं छुप सी गई हैं
VINOD KUMAR CHAUHAN
माँ बाप का बटवारा
Ram Krishan Rastogi
नाशवंत आणि अविनाशी
Shyam Sundar Subramanian
*श्री हुल्लड़ मुरादाबादी 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
मेरा पेड़
उमेश बैरवा
आखिर तुम खुश क्यों हो
Krishan Singh
हिन्दुस्तान की पहचान(मुक्तक)
Prabhudayal Raniwal
गांव शहर और हम ( कर्मण्य)
Shyam Pandey
सीख
Pakhi Jain
अभी बाकी है
Lamhe zindagi ke by Pooja bharadawaj
आज की पत्रकारिता
Anamika Singh
कहां जीवन है ?
Saraswati Bajpai
प्रिय सुनो!
Shailendra Aseem
इश्क के मारे है।
Taj Mohammad
एक पिता की जान।
Taj Mohammad
माँ गंगा
Anamika Singh
माँ, हर बचपन का भगवान
Pt. Brajesh Kumar Nayak
जिदंगी के कितनें सवाल है।
Taj Mohammad
Is It Possible
Manisha Manjari
"क़तरा"
Ajit Kumar "Karn"
ग़ज़ल
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
इंसानियत बनाती है
gurudeenverma198
तेरी आरज़ू, तेरी वफ़ा
VINOD KUMAR CHAUHAN
पिता भगवान का अवतार होता है।
Taj Mohammad
भगवान सुनता क्यों नहीं ?
ओनिका सेतिया 'अनु '
मनस धरातल सरक गया है।
Saraswati Bajpai
Loading...