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4 Jul 2021 · 1 min read

रहन सहन

रहन-सहन और चाल चलन
हर अंचल का बड़ा सुहाना है
अलग-अलग पहनावा
अलग-अलग खाना है
अलग-अलग हैं रीति रिवाज
अलग-अलग गाना है
अलग-अलग बोली भाषाएं
फिर भी एक ठिकाना है
रंग-बिरंगे फूलों का
नायाब एक नजराना है
मेरा भारत सबसे सुंदर
खुशियों का एक खजाना है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी

Language: Hindi
3 Likes · 4 Comments · 487 Views
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