Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jun 2023 · 1 min read

*योग-ज्ञान भारत की पूॅंजी, दुनिया को सौगात है(गीत)*

योग-ज्ञान भारत की पूॅंजी, दुनिया को सौगात है(गीत)
—————————————-
योग-ज्ञान भारत की पूॅंजी, दुनिया को सौगात है
—————————————-
(1)
आदिकाल से योग-क्रिया को, ऋषियों ने बतलाया
यह सॉंसो की कला अनूठी, निर्मल इससे काया
मिली योग से स्वस्थ देह, सदियों से हम को ज्ञात है
(2)
सदियों से जन विविध योग के, आसन रहे लगाते
योग एक विज्ञान सॉंस, जिसमें लय से ले जाते
हर रहस्य ब्रह्मांड-पिंड का, पाता इससे मात है
(3)
यह है केवल योग हमें जो, गहन ध्यान में लाता
तन के भीतर आत्म-तत्व का, छिपा पता मिल जाता
योग किया जिस ने वह बोला, वाह-वाह क्या बात है
योग-ज्ञान भारत की पूॅंजी, दुनिया को सौगात है
—————————————-
रचयिता : रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा, रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451

400 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
तुम्हारी बातों में ही
तुम्हारी बातों में ही
हिमांशु Kulshrestha
कीमत बढ़ा दी आपकी, गुनाह हुआ आँखों से ll
कीमत बढ़ा दी आपकी, गुनाह हुआ आँखों से ll
गुप्तरत्न
बेटी को जन्मदिन की बधाई
बेटी को जन्मदिन की बधाई
लक्ष्मी सिंह
प्यारा-प्यारा है यह पंछी
प्यारा-प्यारा है यह पंछी
Suryakant Dwivedi
भूख
भूख
नाथ सोनांचली
*पेड़ के बूढ़े पत्ते (कहानी)*
*पेड़ के बूढ़े पत्ते (कहानी)*
Ravi Prakash
माई कहाँ बा
माई कहाँ बा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
रिश्तों को निभा
रिश्तों को निभा
Dr fauzia Naseem shad
पापा आपकी बहुत याद आती है !
पापा आपकी बहुत याद आती है !
Kuldeep mishra (KD)
*शिकायतें तो बहुत सी है इस जिंदगी से ,परंतु चुप चाप मौन रहकर
*शिकायतें तो बहुत सी है इस जिंदगी से ,परंतु चुप चाप मौन रहकर
Shashi kala vyas
अनोखा दौर
अनोखा दौर
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
यशस्वी भव
यशस्वी भव
मनोज कर्ण
मुश्किलों में उम्मीद यूँ मुस्कराती है
मुश्किलों में उम्मीद यूँ मुस्कराती है
VINOD CHAUHAN
शुभ प्रभात मित्रो !
शुभ प्रभात मित्रो !
Mahesh Jain 'Jyoti'
खोने के लिए कुछ ख़ास नहीं
खोने के लिए कुछ ख़ास नहीं
The_dk_poetry
मैं रूठ जाता हूँ खुद से, उससे, सबसे
मैं रूठ जाता हूँ खुद से, उससे, सबसे
सिद्धार्थ गोरखपुरी
प्यार किया हो जिसने, पाने की चाह वह नहीं रखते।
प्यार किया हो जिसने, पाने की चाह वह नहीं रखते।
Yogi Yogendra Sharma : Motivational Speaker
रिश्तों की बंदिशों में।
रिश्तों की बंदिशों में।
Taj Mohammad
"सुपारी"
Dr. Kishan tandon kranti
LALSA
LALSA
Raju Gajbhiye
सफलता का मार्ग
सफलता का मार्ग
Praveen Sain
सखि आया वसंत
सखि आया वसंत
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
#मुक्तक-
#मुक्तक-
*प्रणय प्रभात*
पंखों को मेरे उड़ान दे दो
पंखों को मेरे उड़ान दे दो
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
एक तरफ
एक तरफ
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
दहन
दहन
Shyam Sundar Subramanian
3492.🌷 *पूर्णिका* 🌷
3492.🌷 *पूर्णिका* 🌷
Dr.Khedu Bharti
प्रेम एक्सप्रेस
प्रेम एक्सप्रेस
Rahul Singh
कैसे अम्बर तक जाओगे
कैसे अम्बर तक जाओगे
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
एक ही तो, निशा बचा है,
एक ही तो, निशा बचा है,
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
Loading...