Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Mar 2017 · 1 min read

** ये दिल हुआ ना कभी अपना **

ये दिल हुआ ना कभी अपना
हुआ पराया होकर भी अपना
खायी ज़ालिम जमाने की ठोकर
दर-दर डर-डर आपा खो कर
ये दिल की लगी है नही दिल्लगी
मंजर इश्क-ए-तूफां कब रुकेगा
निगाहों से आकर दिल में बसी
फिर भी आँखों में नमी सी है
ना जाने दिल में कमी सी है
ख्यालों में अब क्यूं बसी सी है
ये दिल हुआ ना कभी पराया
हुआ पराया होकर भी अपना।।
दर्द हुआ ऐसा सीने में जैसे ख़ंजर
दिल चीर के देख ले मेरा -अपना
ये दिल हुआ ना कभी अपना
हुआ पराया होकर भी अपना ।।

?मधुप बैरागी

1 Like · 639 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from भूरचन्द जयपाल
View all
You may also like:
बस मुझे महसूस करे
बस मुझे महसूस करे
Pratibha Pandey
#दोहा
#दोहा
*प्रणय प्रभात*
शिष्टाचार एक जीवन का दर्पण । लेखक राठौड़ श्रावण सोनापुर उटनुर आदिलाबाद
शिष्टाचार एक जीवन का दर्पण । लेखक राठौड़ श्रावण सोनापुर उटनुर आदिलाबाद
राठौड़ श्रावण लेखक, प्रध्यापक
it is not about having a bunch of friends
it is not about having a bunch of friends
पूर्वार्थ
जाति  धर्म  के नाम  पर, चुनने होगे  शूल ।
जाति धर्म के नाम पर, चुनने होगे शूल ।
sushil sarna
पुलिस बनाम लोकतंत्र (व्यंग्य) +रमेशराज
पुलिस बनाम लोकतंत्र (व्यंग्य) +रमेशराज
कवि रमेशराज
ये आँखे हट नही रही तेरे दीदार से, पता नही
ये आँखे हट नही रही तेरे दीदार से, पता नही
Tarun Garg
प्यार में बदला नहीं लिया जाता
प्यार में बदला नहीं लिया जाता
Shekhar Chandra Mitra
(हमसफरी की तफरी)
(हमसफरी की तफरी)
Sangeeta Beniwal
तुममें और मुझमें बस एक समानता है,
तुममें और मुझमें बस एक समानता है,
सिद्धार्थ गोरखपुरी
*सिंह की सवारी (घनाक्षरी : सिंह विलोकित छंद)*
*सिंह की सवारी (घनाक्षरी : सिंह विलोकित छंद)*
Ravi Prakash
काश तुम मिले ना होते तो ये हाल हमारा ना होता
काश तुम मिले ना होते तो ये हाल हमारा ना होता
Kumar lalit
3384⚘ *पूर्णिका* ⚘
3384⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
“गुरु और शिष्य”
“गुरु और शिष्य”
DrLakshman Jha Parimal
ओ दूर के मुसाफ़िर....
ओ दूर के मुसाफ़िर....
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
माना जीवन लघु बहुत,
माना जीवन लघु बहुत,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
दीप प्रज्ज्वलित करते, वे  शुभ दिन है आज।
दीप प्रज्ज्वलित करते, वे शुभ दिन है आज।
Anil chobisa
भीगी पलकें( कविता)
भीगी पलकें( कविता)
Monika Yadav (Rachina)
ख़ुमार है
ख़ुमार है
Dr fauzia Naseem shad
*एकांत*
*एकांत*
जगदीश लववंशी
प्रकृति का गुलदस्ता
प्रकृति का गुलदस्ता
Madhu Shah
आलता-महावर
आलता-महावर
Pakhi Jain
"संवाद"
Dr. Kishan tandon kranti
कोई यादों में रहा, कोई ख्यालों में रहा;
कोई यादों में रहा, कोई ख्यालों में रहा;
manjula chauhan
अनोखा दौर
अनोखा दौर
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
6
6
Davina Amar Thakral
लड़कियां शिक्षा के मामले में लडको से आगे निकल रही है क्योंकि
लड़कियां शिक्षा के मामले में लडको से आगे निकल रही है क्योंकि
Rj Anand Prajapati
हरे! उन्मादिनी कोई हृदय में तान भर देना।
हरे! उन्मादिनी कोई हृदय में तान भर देना।
सत्यम प्रकाश 'ऋतुपर्ण'
नौकरी
नौकरी
Aman Sinha
*उदघोष*
*उदघोष*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...