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4 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-334💐

ये तो वक़्त ही तय करेगा,उन्हें क्यों बे-एतिबार था,
रुकी हुई साँस पर आवाज़ देंगे,हमें यह एतिबार था।

©®अभिषेक पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
237 Views
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