Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 May 2023 · 1 min read

यारों का यार भगतसिंह

सभी यारों का एक यार भगतसिंह
खुशमिजाज और दिलदार भगतसिंह…
(१)
ज़िंदगी से कहीं ज़्यादा करता था
अपनी आज़ादी से प्यार भगतसिंह…
(२)
समझता था फांसी के फंदे को
मेहबूब की बांहों का हार भगतसिंह…
(३)
वह तो केवल एक आदम-ज़ाद था
ना पैगम्बर-ना अवतार भगतसिंह…
(४)
क्या लील सकता था उसे अंधेरा
एक दहकता हुआ अंगार भगतसिंह…
(५)
उन पागल तानाशाहों के दौर में
अवाम की था ललकार भगतसिंह…
(६)
भला तुमको कैसे समझ पाएंगे
ये मज़हब के ठेकेदार भगतसिंह…
#Geetkar
Shekhar Chandra Mitra
#इंकलाबी #क्रांतिकारी #बागी #विद्रोही
#Freedom #Struggle #rebel #love
#BhagatSingh #lyricist #bollywood

Language: Hindi
Tag: गीत
117 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आहुति  चुनाव यज्ञ में,  आओ आएं डाल
आहुति चुनाव यज्ञ में, आओ आएं डाल
Dr Archana Gupta
मैं तेरे अहसानों से ऊबर भी  जाऊ
मैं तेरे अहसानों से ऊबर भी जाऊ
Swami Ganganiya
विचार, संस्कार और रस [ दो ]
विचार, संस्कार और रस [ दो ]
कवि रमेशराज
दूसरों की आलोचना
दूसरों की आलोचना
Dr.Rashmi Mishra
संघर्ष के बिना
संघर्ष के बिना
gurudeenverma198
वसुधैव कुटुंबकम है, योग दिवस की थीम
वसुधैव कुटुंबकम है, योग दिवस की थीम
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
अटल सत्य मौत ही है (सत्य की खोज)
अटल सत्य मौत ही है (सत्य की खोज)
VINOD CHAUHAN
उनकी नाराज़गी से हमें बहुत दुःख हुआ
उनकी नाराज़गी से हमें बहुत दुःख हुआ
Govind Kumar Pandey
रात क्या है?
रात क्या है?
Astuti Kumari
*
*"तुलसी मैया"*
Shashi kala vyas
तेरी धरती का खा रहे हैं हम
तेरी धरती का खा रहे हैं हम
नूरफातिमा खातून नूरी
केतकी का अंश
केतकी का अंश
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
आंख पर पट्टी बांधे ,अंधे न्याय तौल रहे हैं ।
आंख पर पट्टी बांधे ,अंधे न्याय तौल रहे हैं ।
Slok maurya "umang"
मिलो ना तुम अगर तो अश्रुधारा छूट जाती है ।
मिलो ना तुम अगर तो अश्रुधारा छूट जाती है ।
Arvind trivedi
তুমি সমুদ্রের তীর
তুমি সমুদ্রের তীর
Sakhawat Jisan
*अब लिखो वह गीतिका जो, प्यार का उपहार हो (हिंदी गजल)*
*अब लिखो वह गीतिका जो, प्यार का उपहार हो (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
इक अजीब सी उलझन है सीने में
इक अजीब सी उलझन है सीने में
करन ''केसरा''
गजल सगीर
गजल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
कविता
कविता
Vandana Namdev
अश'आर हैं तेरे।
अश'आर हैं तेरे।
Neelam Sharma
कलयुग मे घमंड
कलयुग मे घमंड
Anil chobisa
फादर्स डे ( Father's Day )
फादर्स डे ( Father's Day )
Atul "Krishn"
हमने क्या खोया
हमने क्या खोया
Dr fauzia Naseem shad
फूल खिलते जा रहे
फूल खिलते जा रहे
surenderpal vaidya
रोकोगे जो तुम...
रोकोगे जो तुम...
डॉ.सीमा अग्रवाल
त्योहार
त्योहार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
"सोचो जरा"
Dr. Kishan tandon kranti
जब ऐसा लगे कि
जब ऐसा लगे कि
Nanki Patre
🙅क्षणिका🙅
🙅क्षणिका🙅
*Author प्रणय प्रभात*
2971.*पूर्णिका*
2971.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...