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10 Feb 2017 · 1 min read

यादें।

पूछना उन दरख्तों औऱ झीलों झरनों से
गुजरोंगें जब तुम उस राहों से
तेरी यादों के वहीं निशान बाकी हैं।
हमारी सिसकियों से वो भी सहमे थे
जब हम रोये थे उन दिनों मे
तेरी यादों के वहीं निशान बाकी हैं।
आज भी महक आती है हवाओं मे
एहसास दिलाती तेरे होने का गांव मे
तेरी यादों के वहीं निशान बाकी हैं।
वो थोड़ी सी मुलाकातें
वो जीवन भर साथ रहने की कसमें
तेरी यादों के वहीं निशान बाकी हैं।

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