Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jun 2023 · 1 min read

मोदी जी का स्वच्छ भारत का जो सपना है

(शेर)- धरती, हवा और जल को, करो नहीं प्रदूषित तुम।
इस प्रदूषित वातावरण में कभी, जी नहीं सकोगे तुम।।
फैंकों नहीं खुले में कचरा तुम, करो नहीं खुले में शौच।
मोदी जी के स्वच्छ भारत के सपने को, यारों करो साकार तुम।।
—————————————————————
मोदी जी का स्वच्छ भारत का, जो सपना है।
साकार यह सपना, हम सबको करना है।।
खुले में शौच और कचरा, हमको नहीं करना है।
स्वच्छ भारत का निर्माण, हमको करना है।।
मोदी जी का स्वच्छ भारत——————।।

खुले में शौच से होती है, दूषित वायु ।
बीमार हमको करती है, दूषित वायु ।।
हमको घुटन होती है, दूषित वायु से।
पर्यावरण प्रदूषित, हमको नहीं करना है।।
मोदी जी का स्वच्छ भारत——————-।।

इधर- उधर फैंकों नहीं, घर का कचरा।
कूड़ेदान में ही रखों, घर का कचरा।।
जब भी आती है, कचरा लेने वाली गाड़ी।
उस गाड़ी में कूड़ादान,खाली करना है।।
मोदी जी का स्वच्छ भारत———————-।।

खुले में शौच और कचरा, जो भी करते हैं।
बदनाम भारत की संस्कृति को, करते हैं।।
घटती है साख विदेशों में, इससे भारत की।
स्वच्छता में भारत, हमको अव्वल रखना है।।
मोदी जी का स्वच्छ भारत——————।।

शिक्षक एवं साहित्यकार-
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Language: Hindi
Tag: गीत
191 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
■ आज का शेर
■ आज का शेर
*Author प्रणय प्रभात*
कण-कण में श्रीराम हैं, रोम-रोम में राम ।
कण-कण में श्रीराम हैं, रोम-रोम में राम ।
डॉ.सीमा अग्रवाल
जब से देखा है तुमको
जब से देखा है तुमको
Ram Krishan Rastogi
धन से जो सम्पन्न उन्हें ,
धन से जो सम्पन्न उन्हें ,
sushil sarna
*चलो खरीदें कोई पुस्तक, फिर उसको पढ़ते हैं (गीत)*
*चलो खरीदें कोई पुस्तक, फिर उसको पढ़ते हैं (गीत)*
Ravi Prakash
वक़्त बुरा यूँ बीत रहा है / उर में विरहा गीत रहा है
वक़्त बुरा यूँ बीत रहा है / उर में विरहा गीत रहा है
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
समझ
समझ
Dinesh Kumar Gangwar
लोकतंत्र को मजबूत यदि बनाना है
लोकतंत्र को मजबूत यदि बनाना है
gurudeenverma198
तुम्हारी याद है और उम्र भर की शाम बाकी है,
तुम्हारी याद है और उम्र भर की शाम बाकी है,
Ankur Rawat
मेरा कान्हा जो मुझसे जुदा हो गया
मेरा कान्हा जो मुझसे जुदा हो गया
कृष्णकांत गुर्जर
विचारों की आंधी
विचारों की आंधी
Vishnu Prasad 'panchotiya'
अपने
अपने
Shyam Sundar Subramanian
मुस्कुराकर देखिए /
मुस्कुराकर देखिए /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
कविता -नैराश्य और मैं
कविता -नैराश्य और मैं
Dr Tabassum Jahan
आंखों में
आंखों में
Dr fauzia Naseem shad
!! यह तो सर गद्दारी है !!
!! यह तो सर गद्दारी है !!
Chunnu Lal Gupta
कुछ रिश्ते भी बंजर ज़मीन की तरह हो जाते है
कुछ रिश्ते भी बंजर ज़मीन की तरह हो जाते है
पूर्वार्थ
****उज्जवल रवि****
****उज्जवल रवि****
Kavita Chouhan
दोस्त ना रहा ...
दोस्त ना रहा ...
Abasaheb Sarjerao Mhaske
हिन्दी माई
हिन्दी माई
Sadanand Kumar
2409.पूर्णिका
2409.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
कलयुगी धृतराष्ट्र
कलयुगी धृतराष्ट्र
Dr Parveen Thakur
Poem on
Poem on "Maa" by Vedaanshii
Vedaanshii Vijayvargi
वक्त सा गुजर गया है।
वक्त सा गुजर गया है।
Taj Mohammad
चंद्रयान 3
चंद्रयान 3
बिमल तिवारी “आत्मबोध”
हम सृजन के पथ चलेंगे
हम सृजन के पथ चलेंगे
Mohan Pandey
छंद
छंद
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
गुरु आसाराम बापू
गुरु आसाराम बापू
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
-बहुत देर कर दी -
-बहुत देर कर दी -
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
Loading...