Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Oct 2023 · 1 min read

मैदान-ए-जंग में तेज तलवार है मुसलमान,

मैदान-ए-जंग में तेज तलवार है मुसलमान,
दुश्मन के लिए तूफान है मुसलमान।
शेर की दहाड़ है मुसलमान की आवाज,
हर दर्द-ओ-ग़म के बावजूद, वो हैं अबाद।
साहिल अहमद

275 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
आजकल कल मेरा दिल मेरे बस में नही
आजकल कल मेरा दिल मेरे बस में नही
कृष्णकांत गुर्जर
Finding someone to love us in such a way is rare,
Finding someone to love us in such a way is rare,
पूर्वार्थ
रिश्ते चंदन की तरह
रिश्ते चंदन की तरह
Shubham Pandey (S P)
ज्ञात हो
ज्ञात हो
Dr fauzia Naseem shad
आसान होते संवाद मेरे,
आसान होते संवाद मेरे,
Swara Kumari arya
हनुमानजी
हनुमानजी
सत्यम प्रकाश 'ऋतुपर्ण'
!! चहक़ सको तो !!
!! चहक़ सको तो !!
Chunnu Lal Gupta
ये साल बीत गया पर वो मंज़र याद रहेगा
ये साल बीत गया पर वो मंज़र याद रहेगा
Keshav kishor Kumar
भगतसिंह
भगतसिंह
Shekhar Chandra Mitra
कविता
कविता
Shiva Awasthi
प्यार हुआ कैसे और क्यूं
प्यार हुआ कैसे और क्यूं
Parvat Singh Rajput
सेवा कार्य
सेवा कार्य
Mukesh Kumar Rishi Verma
माशूका नहीं बना सकते, तो कम से कम कोठे पर तो मत बिठाओ
माशूका नहीं बना सकते, तो कम से कम कोठे पर तो मत बिठाओ
Anand Kumar
💐प्रेम कौतुक-354💐
💐प्रेम कौतुक-354💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
*एक चूहा*
*एक चूहा*
Ghanshyam Poddar
शिव
शिव
Dr Archana Gupta
पापा की परी
पापा की परी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
भाड़ में जाओ
भाड़ में जाओ
ruby kumari
सच्ची मेहनत कभी भी, बेकार नहीं जाती है
सच्ची मेहनत कभी भी, बेकार नहीं जाती है
gurudeenverma198
"मनभावन मधुमास"
Ekta chitrangini
#drarunkumarshastri
#drarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
तत्काल लाभ के चक्कर में कोई ऐसा कार्य नहीं करें, जिसमें धन भ
तत्काल लाभ के चक्कर में कोई ऐसा कार्य नहीं करें, जिसमें धन भ
Paras Nath Jha
😊संशोधित कविता😊
😊संशोधित कविता😊
*Author प्रणय प्रभात*
अश्रुऔ की धारा बह रही
अश्रुऔ की धारा बह रही
Harminder Kaur
कैसे एक रिश्ता दरकने वाला था,
कैसे एक रिश्ता दरकने वाला था,
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
हाल मियां।
हाल मियां।
Acharya Rama Nand Mandal
पत्थर - पत्थर सींचते ,
पत्थर - पत्थर सींचते ,
Mahendra Narayan
राहों में खिंची हर लकीर बदल सकती है ।
राहों में खिंची हर लकीर बदल सकती है ।
Phool gufran
दीनानाथ दिनेश जी से संपर्क
दीनानाथ दिनेश जी से संपर्क
Ravi Prakash
3020.*पूर्णिका*
3020.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...