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10 Jun 2023 · 1 min read

मैत्री//

संवेदनाओं और भावनाओं से परिपूर्ण,
एक समर्पित अहसास
मानवीय संबंधों का उत्र्ष
न कोई शर्त न हीं
कोई गोपनीयता
कोई मनभेद नही
केवल
स्नेह और समर्पण
राग-अनुराग से सिंचित
निर्बाध शाश्वत प्रेम
और स्व भूलकर
दो व्यक्तियों का एक दूसरे में
समा जाना
शायद यही सच है,

रक्तसंबंधों से परे,
एक आत्मिक संयोजन
न कोई स्वार्थपरता,
न कोई अपेक्षा
बस, एक मधुर रिश्ता,
एक अटूट विश्वास,
इति मैत्री

Language: Hindi
145 Views
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