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19 Oct 2023 · 1 min read

मैं हैरतभरी नजरों से उनको देखती हूँ

मैं हैरतभरी नजरों से उनको देखती हूँ
जो कहते हैं वो मुझे समझते हैं या समझ चुके हैं
मैं सोच में पड़ जाती हूँ
मैं खुद अब तक खुद को न जान पायी
ये कैसे मुझे जानते और समझते हैं
फिर मुझे लगता है इनके दावे कहीं खोखले तो नहीं
या फिर सच में क्या ये मुझे मुझसे ज्यादा सोचते और समझते हैं

🌱अधूरा ज्ञान🌱

1 Like · 201 Views
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