Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Oct 2022 · 1 min read

मैं जो लफ़्ज़ों में

तुम उसे खुद से ही समझ लेना ।
मैं जो लफ़्ज़ों में लिख नहीं पाया ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
12 Likes · 230 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr fauzia Naseem shad
View all
You may also like:
मौनता  विभेद में ही अक्सर पायी जाती है , अपनों में बोलने से
मौनता विभेद में ही अक्सर पायी जाती है , अपनों में बोलने से
DrLakshman Jha Parimal
कस्ती धीरे-धीरे चल रही है
कस्ती धीरे-धीरे चल रही है
कवि दीपक बवेजा
राष्ट्रीय गणित दिवस
राष्ट्रीय गणित दिवस
Tushar Jagawat
(13) हाँ, नींद हमें भी आती है !
(13) हाँ, नींद हमें भी आती है !
Kishore Nigam
सावन‌....…......हर हर भोले का मन भावन
सावन‌....…......हर हर भोले का मन भावन
Neeraj Agarwal
3279.*पूर्णिका*
3279.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
कितने एहसास हैं
कितने एहसास हैं
Dr fauzia Naseem shad
* धरा पर खिलखिलाती *
* धरा पर खिलखिलाती *
surenderpal vaidya
धुन
धुन
Sangeeta Beniwal
ख्वाब हो गए हैं वो दिन
ख्वाब हो गए हैं वो दिन
shabina. Naaz
एक दिन उसने यूं ही
एक दिन उसने यूं ही
Rachana Siya
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-143के दोहे
बुंदेली दोहा प्रतियोगिता-143के दोहे
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
*तू बन जाए गर हमसफऱ*
*तू बन जाए गर हमसफऱ*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
रिश्ते , प्रेम , दोस्ती , लगाव ये दो तरफ़ा हों ऐसा कोई नियम
रिश्ते , प्रेम , दोस्ती , लगाव ये दो तरफ़ा हों ऐसा कोई नियम
Seema Verma
प्यारा बंधन प्रेम का
प्यारा बंधन प्रेम का
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
अद्यावधि शिक्षा मां अनन्तपर्यन्तं नयति।
अद्यावधि शिक्षा मां अनन्तपर्यन्तं नयति।
शक्ति राव मणि
"आग्रह"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
*ग़ज़ल*
*ग़ज़ल*
शेख रहमत अली "बस्तवी"
पुरुष चाहे जितनी बेहतरीन पोस्ट कर दे
पुरुष चाहे जितनी बेहतरीन पोस्ट कर दे
शेखर सिंह
*धन्य-धन्य वे जिनका जीवन सत्संगों में बीता (मुक्तक)*
*धन्य-धन्य वे जिनका जीवन सत्संगों में बीता (मुक्तक)*
Ravi Prakash
गुरु के पद पंकज की पनही
गुरु के पद पंकज की पनही
Sushil Pandey
#मुक्तक
#मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
समन्वय
समन्वय
DR ARUN KUMAR SHASTRI
आप किससे प्यार करते हैं?
आप किससे प्यार करते हैं?
Otteri Selvakumar
दिल का हाल
दिल का हाल
पूर्वार्थ
धारण कर सत् कोयल के गुण
धारण कर सत् कोयल के गुण
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मैंने बेटी होने का किरदार किया है
मैंने बेटी होने का किरदार किया है
Madhuyanka Raj
माँ!
माँ!
विमला महरिया मौज
"घर बनाने के लिए"
Dr. Kishan tandon kranti
सत्य से सबका परिचय कराएं आओ कुछ ऐसा करें
सत्य से सबका परिचय कराएं आओ कुछ ऐसा करें
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
Loading...