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25 Mar 2023 · 1 min read

मैं गहरा दर्द हूँ

मैं गहरा दर्द हूँ
आँखों में भरकर
भी आप मुझे
गिरा सकते हो

मैं चोटिल लफ्ज़ हूँ
जुबाँ से बोलकर
भी आप मुझे
महसूस करा सकते हो

गर लफ्ज़ अश्क़
बने तो क्या…?
और अश्क़ लफ्ज़
बने तो क्या…?
मेरे जख्मी रूह के
एहसास ग़मो के समंदर
में भी तैरना जानते है…

1 Like · 350 Views
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