Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
2 Jul 2016 · 1 min read

मेरे होने की वजह

आज इस राज से पर्दा उठा दे

मेरे होने की वजह मुझे बता दे

मेरी ज़िन्दगी की रातों की,

कब होगी सुबह बता दे,

हर तरफ अँधेरा है घना,

कैसे होगी रौशनी बता दे,

निराशाओं से मन घिर रहा है,

कोई तो आशा की किरण दिखा दे,

पत्तों की मानिंद उड़ रहा हूँ मैं,

मेरी उड़ान को कोई दिशा दिखा दे,

दूर क्षितिज में कोई बिंदु चमक रहा है,

उस बिंदु तक पहुचने की राह बता दे,

मेरा वजूद क्या है,

कौन हूँ मैं,

मेरी हकीकत क्या है,

मेरे हर सवाल का जवाब बता दे,

“संदीप कुमार”

Language: Hindi
327 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
💐प्रेम कौतुक-478💐
💐प्रेम कौतुक-478💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जनाब बस इसी बात का तो गम है कि वक्त बहुत कम है
जनाब बस इसी बात का तो गम है कि वक्त बहुत कम है
Paras Mishra
जिन्दगी शम्मा सी रोशन हो खुदाया मेरे
जिन्दगी शम्मा सी रोशन हो खुदाया मेरे
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मां, तेरी कृपा का आकांक्षी।
मां, तेरी कृपा का आकांक्षी।
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
सुबह आंख लग गई
सुबह आंख लग गई
Ashwani Kumar Jaiswal
बिलकुल सच है, व्यस्तता एक भ्रम है, दोस्त,
बिलकुल सच है, व्यस्तता एक भ्रम है, दोस्त,
पूर्वार्थ
यदि कोई आपके मैसेज को सीन करके उसका प्रत्युत्तर न दे तो आपको
यदि कोई आपके मैसेज को सीन करके उसका प्रत्युत्तर न दे तो आपको
Rj Anand Prajapati
*मकर संक्रांति पर्व
*मकर संक्रांति पर्व"*
Shashi kala vyas
खूबसूरत बहुत हैं ये रंगीन दुनिया
खूबसूरत बहुत हैं ये रंगीन दुनिया
The_dk_poetry
मतलबी किरदार
मतलबी किरदार
Aman Kumar Holy
हमें प्यार और घृणा, दोनों ही असरदार तरीके से करना आना चाहिए!
हमें प्यार और घृणा, दोनों ही असरदार तरीके से करना आना चाहिए!
Dr MusafiR BaithA
उज्जैन घटना
उज्जैन घटना
Rahul Singh
■ भविष्यवाणी...
■ भविष्यवाणी...
*Author प्रणय प्रभात*
बारिश
बारिश
Mr.Aksharjeet
देते फल हैं सर्वदा , जग में संचित कर्म (कुंडलिया)
देते फल हैं सर्वदा , जग में संचित कर्म (कुंडलिया)
Ravi Prakash
रिश्तों का सच
रिश्तों का सच
विजय कुमार अग्रवाल
तुम्हारे हमारे एहसासात की है
तुम्हारे हमारे एहसासात की है
Dr fauzia Naseem shad
**विकास**
**विकास**
Awadhesh Kumar Singh
मुस्की दे प्रेमानुकरण कर लेता हूॅं।
मुस्की दे प्रेमानुकरण कर लेता हूॅं।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
बाहर से लगा रखे ,दिलो पर हमने ताले है।
बाहर से लगा रखे ,दिलो पर हमने ताले है।
Surinder blackpen
"प्रेरणा के स्रोत"
Dr. Kishan tandon kranti
वास्तविक मौज
वास्तविक मौज
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
बटाए दर्द साथी का वो सच्चा मित्र होता है
बटाए दर्द साथी का वो सच्चा मित्र होता है
नंदलाल सिंह 'कांतिपति'
स्टेटस
स्टेटस
Dr. Pradeep Kumar Sharma
दोहा-
दोहा-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
पानी जैसा बनो रे मानव
पानी जैसा बनो रे मानव
Neelam Sharma
ठहराव सुकून है, कभी कभी, थोड़ा ठहर जाना तुम।
ठहराव सुकून है, कभी कभी, थोड़ा ठहर जाना तुम।
Monika Verma
अब कौन सा रंग बचा साथी
अब कौन सा रंग बचा साथी
Dilip Kumar
वतन के तराने
वतन के तराने
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
आज की तारीख हमें सिखा कर जा रही है कि आने वाली भविष्य की तार
आज की तारीख हमें सिखा कर जा रही है कि आने वाली भविष्य की तार
Seema Verma
Loading...