Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Jun 2023 · 1 min read

मेरे होंठों पर

मेरे होठों पर है तेरा ये अफ़साना।
तेरे प्यार ने दिया मुझे ये नज़राना।

देख कर तेरा मुझे वो यूं हैरत से
बात करते वक्त,वो तेरा हकलाना।

मुड़ मुड़ के ,तेरा वो देखना मुझे
बात लगती थी,वो तब बचकाना।

इजहारे इश्क तूने जब था किया।
झुका कर नजरे वो मेरे शर्माना।

दर्द तो इस बात का बहुत है मुझे।
साथ रह कर भी तेरे बिछड़ जाना।

Kaur Surinder

2 Likes · 266 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Surinder blackpen
View all
You may also like:
3391⚘ *पूर्णिका* ⚘
3391⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
मध्यम परिवार....एक कलंक ।
मध्यम परिवार....एक कलंक ।
Vivek Sharma Visha
अपनी समस्या का समाधान_
अपनी समस्या का समाधान_
Rajesh vyas
"जिंदगी"
Yogendra Chaturwedi
किसान
किसान
Bodhisatva kastooriya
कवि की लेखनी
कवि की लेखनी
Shyam Sundar Subramanian
घर बन रहा है
घर बन रहा है
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
शिक्षित बनो शिक्षा से
शिक्षित बनो शिक्षा से
gurudeenverma198
हत्या-अभ्यस्त अपराधी सा मुख मेरा / MUSAFIR BAITHA
हत्या-अभ्यस्त अपराधी सा मुख मेरा / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
पूर्व दिशा से सूरज रोज निकलते हो
पूर्व दिशा से सूरज रोज निकलते हो
Dr Archana Gupta
हर किसी में आम हो गयी है।
हर किसी में आम हो गयी है।
Taj Mohammad
What is the new
What is the new
Otteri Selvakumar
स्मृति प्रेम की
स्मृति प्रेम की
Dr. Kishan tandon kranti
सच्चाई है कि ऐसे भी मंज़र मिले मुझे
सच्चाई है कि ऐसे भी मंज़र मिले मुझे
अंसार एटवी
दहेज की जरूरत नहीं
दहेज की जरूरत नहीं
भरत कुमार सोलंकी
जिंदगी
जिंदगी
अखिलेश 'अखिल'
*सबसे सुंदर जग में अपना, तीर्थ अयोध्या धाम है (गीत)*
*सबसे सुंदर जग में अपना, तीर्थ अयोध्या धाम है (गीत)*
Ravi Prakash
#हिंदी_मुक्तक-
#हिंदी_मुक्तक-
*प्रणय प्रभात*
हमने देखा है हिमालय को टूटते
हमने देखा है हिमालय को टूटते
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
चंद्रयान 3
चंद्रयान 3
Seema gupta,Alwar
सुनो कभी किसी का दिल ना दुखाना
सुनो कभी किसी का दिल ना दुखाना
shabina. Naaz
रमेशराज के विरोधरस दोहे
रमेशराज के विरोधरस दोहे
कवि रमेशराज
तुम गए कहाँ हो 
तुम गए कहाँ हो 
Amrita Shukla
दर्पण
दर्पण
Kanchan verma
मैं तुलसी तेरे आँगन की
मैं तुलसी तेरे आँगन की
Shashi kala vyas
मेला दिलों ❤️ का
मेला दिलों ❤️ का
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
बम भोले।
बम भोले।
Anil Mishra Prahari
ग़ज़ल(उनकी नज़रों से ख़ुद को बचाना पड़ा)
ग़ज़ल(उनकी नज़रों से ख़ुद को बचाना पड़ा)
डॉक्टर रागिनी
प्यारा भारत देश हमारा
प्यारा भारत देश हमारा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आत्मविश्वास से लबरेज व्यक्ति के लिए आकाश की ऊंचाई नापना भी उ
आत्मविश्वास से लबरेज व्यक्ति के लिए आकाश की ऊंचाई नापना भी उ
Paras Nath Jha
Loading...