Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jul 2023 · 1 min read

मेरी सोच~

मेरी सोच~

सिरफिरे ज्ञानी कहते हैं कि लीक से हटकर कुछ करो तो ही इतिहास रच सकते हो। पर मैं कहता हूँ कि लीक पर ही चला करो वरना पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी या जिंदगी भर परेशान रहोगे।

दिनेश एल० “जैहिंद”

116 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
लिखते रहिए ...
लिखते रहिए ...
Dheerja Sharma
- एक दिन उनको मेरा प्यार जरूर याद आएगा -
- एक दिन उनको मेरा प्यार जरूर याद आएगा -
bharat gehlot
⚘️🌾गीता के प्रति मेरी समझ🌱🌷
⚘️🌾गीता के प्रति मेरी समझ🌱🌷
Ms.Ankit Halke jha
कलयुगी दोहावली
कलयुगी दोहावली
Prakash Chandra
*पाते हैं सौभाग्य से, पक्षी अपना नीड़ ( कुंडलिया )*
*पाते हैं सौभाग्य से, पक्षी अपना नीड़ ( कुंडलिया )*
Ravi Prakash
वो एक ही शख्स दिल से उतरता नहीं
वो एक ही शख्स दिल से उतरता नहीं
श्याम सिंह बिष्ट
पापा का संघर्ष, वीरता का प्रतीक,
पापा का संघर्ष, वीरता का प्रतीक,
Sahil Ahmad
उदासी
उदासी
DR. Kaushal Kishor Shrivastava
सुख- दुःख
सुख- दुःख
Dr. Upasana Pandey
रंग पंचमी
रंग पंचमी
जगदीश लववंशी
जिंदगी एक सफ़र अपनी 👪🧑‍🤝‍🧑👭
जिंदगी एक सफ़र अपनी 👪🧑‍🤝‍🧑👭
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
जिस चीज को किसी भी मूल्य पर बदला नहीं जा सकता है,तो उसको सहन
जिस चीज को किसी भी मूल्य पर बदला नहीं जा सकता है,तो उसको सहन
Paras Nath Jha
'पिता'
'पिता'
पंकज कुमार कर्ण
हल
हल
विनोद वर्मा ‘दुर्गेश’
★भारतीय किसान★
★भारतीय किसान★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
मुकम्मल क्यूँ बने रहते हो,थोड़ी सी कमी रखो
मुकम्मल क्यूँ बने रहते हो,थोड़ी सी कमी रखो
Shweta Soni
💐प्रेम कौतुक-388💐
💐प्रेम कौतुक-388💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
केवट का भाग्य
केवट का भाग्य
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
???
???
*Author प्रणय प्रभात*
2526.पूर्णिका
2526.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
मैं एक फरियाद लिए बैठा हूँ
मैं एक फरियाद लिए बैठा हूँ
Bhupendra Rawat
एक तुम्हारे होने से....!!!
एक तुम्हारे होने से....!!!
Kanchan Khanna
जिंदगी और जीवन तो कोरा कागज़ होता हैं।
जिंदगी और जीवन तो कोरा कागज़ होता हैं।
Neeraj Agarwal
ग़ज़ल
ग़ज़ल
ईश्वर दयाल गोस्वामी
वासुदेव
वासुदेव
Bodhisatva kastooriya
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
डॉ अरुण कुमार शास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
हिन्दी में ग़ज़ल की औसत शक़्ल? +रमेशराज
हिन्दी में ग़ज़ल की औसत शक़्ल? +रमेशराज
कवि रमेशराज
सामने मेहबूब हो और हम अपनी हद में रहे,
सामने मेहबूब हो और हम अपनी हद में रहे,
Vishal babu (vishu)
श्रम करो! रुकना नहीं है।
श्रम करो! रुकना नहीं है।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
बात बनती हो जहाँ,  बात बनाए रखिए ।
बात बनती हो जहाँ, बात बनाए रखिए ।
Rajesh Tiwari
Loading...